सोमवार, 29 अक्तूबर, 2007 को 12:59 GMT तक के समाचार
सऊदी अरब के शाह अब्दुल्ला ने ब्रिटेन की आलोचना की है कि वह आतंकवाद से लड़ने के लिए पर्याप्त क़दम नहीं उठा रहा है.
सऊदी अरब के शाह ने बीस वर्षों के अंतराल पर बीबीसी को कोई इंटरव्यू दिया है जिसमें उन्होंने कहा है कि आतंकवाद की समस्या से निबटने में दो-तीन दशक का समय लग सकता है.
शाह अब्दुल्ला ने अपनी ब्रिटेन यात्रा से ठीक पहले यह इंटरव्यू दिया है जिसमें उन्होंने कहा है कि ब्रिटेन को आतंकवादी हमलों के बारे में सूचना दी गई थी लेकिन उसने समय रहते सही क़दम नहीं उठाया.
लेकिन बीबीसी के सुरक्षा मामलों के संवाददाता फ्रैंक गार्डनर का कहना है कि ब्रितानी अधिकारी ऐसी बातों को सिरे से ख़ारिज करते रहे हैं. एक संसदीय जाँच के बाद कहा गया कि ऐसी कोई जानकारी नहीं थी जिनकी मदद से सात जुलाई 2005 को हुए बम धमाकों को रोका जा सकता.
शाह अब्दुल्ला सोमवार को लंदन पहुँचे हैं और उनकी राजकीय यात्रा मंगलवार से शुरू होगी.
शाह अब्दुल्ला ने कहा कि आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई में ब्रिटेन जैसे देशों को और मुस्तैदी दिखाने की ज़रूरत है, उन्होंने कहा कि अल क़ायदा उनके देश के लिए एक बड़ी समस्या बना हुआ है.
शाह अब्दुल्ला ने कहा कि "बहुत सारे देश आतंकवाद की समस्या को पूरी गंभीरता से नहीं ले रहे हैं, दुर्भाग्यवश ब्रिटेन भी उन्हीं देशों में है."
विरोध
शाह अब्दुल्ला की यात्रा के ख़िलाफ़ लंदन में सऊदी दूतावास के बाहर प्रदर्शन का आयोजन किया जा रहा है, विरोधियों का कहना है कि उनके देश का मानवाधिकार रिकॉर्ड बहुत ख़राब है.
ब्रिटेन के विपक्षी राजनीतिक दल लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता विंस केबल ने घोषणा की है कि उनकी पार्टी हथियार सौदे के घोटाले और देश में मानवाधिकारों की ख़राब स्थिति के मद्देनज़र शाह की यात्रा का बहिष्कार कर रही है.
एमनेस्टी इंटरनेशनल की केट एलन ने प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन से कहा है कि वे शाह अब्दुल्ला को ब्रिटेन की तरफ़ से बताएँ कि उनका "मानवाधिकार मामलों में रिकॉर्ड किसी तरह से स्वीकार्य नहीं है."
ब्रितानी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने कहा कि शाह को यात्रा का निमंत्रण दोनों देशों के 'दोस्ताना संबंधों' को देखते हुए दिया गया है.