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रविवार, 28 अक्तूबर, 2007 को 16:46 GMT तक के समाचार

'समझौता जल्दी लागू करना चाहिए'

अमरीकी वित्त मंत्री हेनरी पॉलसन ने भारत से कहा है कि परमाणु समझौते को लागू करने की दिशा में तेज़ी से क़दम बढ़ाए.

अपनी भारत यात्रा की शुरूआत में उन्होंने कोलकाता में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि भारत को अपना आंतरिक राजनीतिक निर्णय ख़ुद लेना है कि वह यह समझौता चाहता है या नहीं.

मगर साथ ही उन्होंने कहा, "इस समझौते पर तेज़ी से आगे बढ़ना अच्छा रहेगा."

पॉलसन ने ये बातें पश्चिम बंगाल में कही हैं जहाँ वामपंथी गठबंधन की सरकार है, वामपंथी दल अमरीका के साथ प्रस्तावित परमाणु समझौते का विरोध कर रहे हैं.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह अमरीका को अपनी मजबूरियों से अवगत करा चुके हैं और उन्होंने कहा है कि परमाणु समझौते को लागू नहीं करा पाना उनकी व्यक्तिगत हार है.

केंद्र सरकार ने परमाणु समझौते पर अमल को स्थगित कर दिया है, एक संयुक्त संसदीय समिति जिसमें वामपंथी भी शामिल हैं, समझौते की शर्तों का अध्ययन करके अपनी रिपोर्ट देने वाली है.

मुलाक़ात

पॉलसन ने कोलकाता में भारत के विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी से मुलाक़ात की.

इसके बाद वे पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य से भी मिले, उन्होंने पश्चिम बंगाल में अमरीकी पूंजी निवेश की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया.

पॉलसन ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री को "भारतीय वामपंथ का सुधारक" बताया लेकिन उन्होंने इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी कि अमरीका किस शक्ल में और कितना पूंजीनिवेश राज्य में कर सकता है.

भट्टाचार्य को उनकी पार्टी (सीपीएम) में एक उदारवादी के रूप में देखा जाता है और भारी विवाद के बीच वे परमाणु समझौते को ज़रूरी बता चुके हैं जबकि उनकी पार्टी इसके ख़िलाफ़ है.

पॉलसन कोलकाता से मुंबई जा रहे हैं जहाँ वे भारतीय बाज़ार को अधिक खुला बनाने पर ज़ोर देंगे.

वे अपनी चार दिन की यात्रा के दौरान भारतीय रिज़र्व बैंक के गवर्नर वाइ वी रेड्डी और वित्त मंत्री चिदंबरम से भी मिलेंगे.