शनिवार, 27 अक्तूबर, 2007 को 08:17 GMT तक के समाचार
अमरीकी विदेश विभाग ने कहा है कि उन्हें अपने बग़दाद स्थित दूतावास में काम करने के लिए राजनयिकों पर दबाव डालना पड़ सकता है.
उल्लेखनीय है कि अमरीका के बग़दाद स्थित दूतावास में कई पद रिक्त हैं लेकिन राजनयिक इराक़ जाना नहीं चाहते हैं.
विदेश विभाग के मानव संसाधन मामलों के निदेशक हैरी थॉमस ने कहा कि विदेश सेवा के क़रीब 250 कर्मचारियों को कहा जाएगा कि उन्हें 50 पद भरने पड़ेंगे.
उनका कहना था कि अगर कुछ ही लोग स्वेच्छा से इराक़ जाने को राज़ी होंगे तो फिर लोगों को इराक़ जाने के आदेश दिए जाएंगे और आदेश न मानने वालों को नौकरी से हटाया भी जा सकता है.
इससे पहले इराक़ में पद आम तौर पर स्वेच्छा से ही भरे जाते थे.
थॉमस ने उम्मीद जताई कि राजनयिक बग़दाद दूतावास में एक वर्ष की रिक्तियों के लिए स्वयं आगे आ जाएंगे लेकिन उन्होंने साथ ही कहा कि ऐसा न होने पर विदेश विभाग के पास कई विकल्प हैं जिसमें विदेश सेवा से बाहर किया जाना भी शामिल है.
विदेश विभाग के कर्मचारियों को इराक़ भेजने के लिए विशेष पैकेज दिए जाने का भी प्रावधान है लेकिन इसके बावजूद कम ही लोग ऐसे हैं जो इराक़ जाना चाहते हैं.
इराक़ की सुरक्षा स्थिति ऐसी है कि कोई भी कर्मचारी अपने परिवार को इराक़ लेकर जाना नहीं चाहता और अकेले रहने में भी काफ़ी ख़तरे हैं.
वैसे अमरीका के राजनयिकों को पहले भी ऐसे पदों पर काम करने को बाध्य किया गया है जहां वो काम नहीं करना चाहते हैं.
साठ के दशक में विदेश सेवा के कई कर्मचारियों को विएतनाम भेजा गया था जहां वो जाना नहीं चाहते थे.