गुरुवार, 25 अक्तूबर, 2007 को 22:41 GMT तक के समाचार
ऑस्ट्रेलिया के खदानकर्मियों की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए उन्हें सेक्स की शिक्षा दी जा रही है.
इसमें यौनसंबंध बनाने से पहले की जाने वाली प्रेमक्रीड़ा (फ़ोरप्ले) और रजोनिवृत्ति की जानकारी भी शामिल है.
उत्तरी सिडनी के बल्गा खदान के के प्रबंधकों का कहना है कि इस तरह की शिक्षा से खनिकों को अपनी पत्नियों को समझने और उन्हें ख़ुश रखने में सहायता मिल रही है.
खनन कंपनी एक्सट्राटा के प्रबंधकों का कहना है कि इससे लाभ हो रहा है और वे चाहते हैं कि इस प्रयोग तो दूसरे खदानों में भी दोहराया जाए.
वैसे ऐसा नहीं है कि खनिकों को सिर्फ़ यही पढ़ाया जा रहा है, उन्हें बारी-बारी से थकान, अच्छे भोजन और दिल के दौरे आदि के बारे में भी बताया जा रहा है.
सेक्स का महत्व
इस खनिज कंपनी में ज़्यादातर पुरुष ही काम करते हैं.
कंपनी के अधिकारियों ने अपने कर्मचारियों को सेक्स की शिक्षा देनी शुरु की और पाया कि इससे उनके कर्मचारी ख़ुश रहने लगे हैं और उनकी कार्यक्षमता बढ़ गई है.
खनन कंपनी एक्सट्राटा के प्रवक्ता जेम्स रिकार्ड्स ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया, "हमें ऐसी जीवनशैली की आवश्यकता थी जो कामगारों को न केवल काम के दौरान स्वस्थ्य और तंदरुस्त रखे बल्कि उन्हें घर पर भी स्वस्थ्य, तंदरुस्त और ख़ुश रखे."
उनका कहना था, "रिश्तों में सेक्स की अहम भूमिका होती है और ऐसे व्यक्ति के लिए तो सेक्स का ख़ासा महत्व होता है जो रजोनिवृत्ति के दौर से गुज़र रहा हो."
कामगारों के लिए यह कोर्स चलाने वाले 'कोर हेल्थ कंसल्टिंग' के टैमी फ़ैरेल ने बीबीसी को बताया कि वे लोगों को आपस में संवाद बढ़ाने और स्वस्थ रहने के तरीक़े बता रही हैं.
उनका कहना था कि खनिक कक्षाओं को गंभीरता से ले रहे हैं और वे आकर अपना अनुभव भी साझा कर रहे हैं.
उनका कहना था कि यदि किसी एक व्यक्ति ने कोई जिज्ञासा सामने रखी तो धीरे-धीरे आप देखेंगे कि तीन-चार लोगों ने हाथ खड़े कर लिए हैं. यदि इनमें से दो की भी ज़िंदगी हम बदल पाते हैं तो यह अदभुत है.
इससे पहले एक अख़बार से बात करते हुए फ़ैरेल ने कहा था, "जब मैं खनिकों को बताती हूँ कि उन्हें अपनी पत्नी के साथ उसी तरह व्यवहार करना होगा जैसे वे 18 बरस की उम्र में करते, तो लोग बातें ध्यान से सुनते हैं."