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रविवार, 21 अक्तूबर, 2007 को 10:54 GMT तक के समाचार

तुर्की सीमा पर झड़प, 42 की मौत

इराक़ सीमा पर कुर्द विद्रोहियों से हुए संघर्ष में तुर्की के कम से कम 15 सैनिक मारे गए हैं. इसके अलावा 30 लड़ाकों की भी मौत हुई है.

कहा जा रहा है कि ये सैनिक कुर्दिस्तान वरकर्स (पीकेके)पार्टी के विद्रोहियों के छापामार हमले में मारे गए.

इस बीच तुर्की के प्रधानमंत्री ने कहा है कि रविवार को सेना के साथ आपातकालीन बातचीत की जाएगी.

कुछ दिन पहले ही तुर्की की संसद ने भारी बहुमत के साथ सेना को सीमापार उत्तरी इराक़ क्षेत्र में कुर्द अलगाववादियों के ठिकानों पर हमले करने की इजाज़त दे दी थी.

हालांकि अमरीका ने तुर्की से संयम बरतने के लिए कहा है.

इससे पहले आरोप लगाया गया था कि पीकेके के एक हमले में 30 सैनिक और नागरिक मारे गए थे. इसी के बाद संसद में मतदान हुआ था.

बीबीसी संवाददाता के मुताबिक ऐसा माना जाता है कि तुर्की की सीमा के पास उत्तरी इराक़ में करीब तीन हज़ार विद्रोही सक्रिय हैं.

कुर्द विद्रोही

संवाददाता का कहना है कि रविवार के हमले के बाद सरकार पर लोगों और सेना की ओर से दवाब और बढ़ जाएगा कि कुर्द विद्रोहियों के बारे में वो कुछ करे.

अमरीका और इराक़ को आशंका है कि अगर तुर्की किसी तरह की कार्यवाही करता है तो उससे इराक़ के सबसे शांतिपू्र्ण इलाक़े में अस्थिरता आ जाएगी- उत्तर में कुर्दों का स्वायत्त इलाक़ा.

तुर्की अमरीका और इराक़ से आग्रह करता आया है कि वो पीकेके विद्रोहियों के मुद्दे पर कुछ करे जो इराक़ सीमा के दुर्गम इलाक़ों में सक्रिय है.

तुर्की की संसद में हुआ मतदान ये संकेत देता है कि पीकेके से निपटने में दूसरे देशों की मदद को लेकर तुर्की गंभीर है.

उत्तरी इराक़ में स्वायत्त कुर्द क्षेत्रीय सरकार ने तुर्की के सांसदों को आगाह किया था कि किसी भी तरह का दख़ल ग़ैर-क़ानूनी होगा. साथ ही सरकार ने कहा है कि वो पीकेके को कोई मदद नहीं दे रहा.

विद्रोहियों ने भी कहा है कि अगर तुर्की की सेना सीमा पार करती है कि वो इसका विरोध करेंगे.

पीकेके 1984 के बाद से ही ज़्यादा स्वायत्ता की माँग करता आया है और इसमें तीस हज़ार लोग मारे गए हैं.

नब्बे के दशक में अलग कुर्द राष्ट्र की माँग छोड़ दी गई थी.