गुरुवार, 18 अक्तूबर, 2007 को 07:03 GMT तक के समाचार
तुर्की की संसद ने भारी बहुमत के साथ तुर्की की सेना को सीमापार उत्तरी इराक़ क्षेत्र में कुर्द अलगाववादियों के ठिकानों पर हमले करने की इजाज़त दे दी है.
उधर अमरीकी राष्ट्रपति बुश ने तुर्की से आग्रह किया कि वह कोई बड़ा हमला न करें.
अमरीकी राष्ट्रपति ने कहा है कि सैनिक कार्रवाई तुर्की के हित में नहीं होगी और इस मसले का हल अन्य तरीकों से भी खोजा जा सकता है.
उधर तुर्की की ओर से इस घोषणा के बाद इराक़ के उप-प्रधानमंत्री बरहम सालिह ने बीबीसी से कहा कि तुर्की की संसद ने सेना को जो अधिकार दिया है वह अंतरराष्ट्रीय क़ानून के विरूद्ध है.
उन्होंने कहा कि इराक़ दोनों देशों के बीच के सीमाक्षेत्र की सुरक्षा के लिए तुर्की को सहयोग देने के लिए तैयार है.
विवाद
हालांकि इससे पहले बुधवार को तुर्की के प्रधानमंत्री तायिप अर्दोगान ने कहा था कि तत्काल कोई सैन्य कार्रवाई करने का इरादा नहीं है.
दरअसल, तुर्की की ओर से ऐसा निर्णय लिए जाने के पीछे ऐसे हिंसक हमले हैं जिनमें कुछ तुर्की सैनिकों और नागरिकों की मौत हो गई थी.
पिछले कुछ हफ़्तों के दौरान तुर्की के लोगों को निशाना बनाकर किए गए हमलों के पीछे उत्तरी इराक़ के कुर्द अलगाववादियों का हाथ बताया जा रहा है.
ग़ौरतलब है कि यूरोपीय संघ और उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) ने भी तुर्की से संयम बरतने की अपील की थी.
बीबीसी संवाददाता का कहना है कि अब तुर्की को उसके सहयोगियों और पड़ोसियों की ओर से एक संतोषजनक प्रतिक्रिया की अपेक्षा है.
उन्होंने बताया कि तुर्की पिछले कुछ समय से कुर्द चरमपंथियों से निपटने में मदद की बात दोहराता रहा है और ताज़ा प्रस्ताव के बाद संभव है कि दुनियाभर में इसकी गंभीरता को समझा जाएगा.