गुरुवार, 18 अक्तूबर, 2007 को 11:50 GMT तक के समाचार
बीबीसी के डायरेक्टर जनरल मार्क टॉमसन ने घोषणा की है कि कॉर्पोरेशन के कर्मचारियों की संख्या में कटौती की जाएगी और कार्यक्रम निर्माण में बदलाव किए जाएँगे.
बीबीसी को दो अरब पाउंड का बजट घाटा पूरा करना है क्योंकि उसे लाइसेंस फ़ीस से उतनी रक़म नहीं मिल सकी है जितनी कि उसे उम्मीद थी.
टॉमसन ने कहा कि बाहरी कंपनियों से बनवाए जाने वाले कार्यक्रमों में दस प्रतिशत की कटौती की जाएगी.
बीबीसी के डायरेक्टर जनरल ने बताया कि अगले पाँच-छह वर्षों में 2500 नौकरियाँ ख़त्म हो जाएँगी लेकिन 700 नए पद बनाए जाएँगे. इसका मतलब है कि बीबीसी में इस अवधि में 1800 पद बंद कर दिए जाएँगे.
इन कटौतियों से जो विभाग सबसे अधिक प्रभावित होगा वह है बीबीसी न्यूज़ एंड फैक्चुअल टीवी, जो प्लैनेट अर्थ और टॉप गियर जैसे कार्यक्रम बनाता रहा है.
लेकिन किसी कार्यक्रम को बंद करने की घोषणा नहीं की गई है. मार्क टॉमसन की इस योजना को बीबीसी के निदेशक मंडल ने मंज़ूरी दे दी है.
बेहद अहम
बीबीसी ट्रस्ट के अध्यक्ष सर माइकल लायंस ने कहा कि ये योजनाएँ बीबीसी के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं.
उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि इस पूरी कोशिश का उद्देश्य बीबीसी के लिए पैसा देने वाले लोगों को सार्थक सामग्री उपलब्ध कराते रहना है."
बीबीसी ट्रस्ट ने उनकी टेलीविज़न सेंटर को बेच देने की योजना को भी सिद्धांत रूप में मंज़ूरी दे दी है. टेलीविज़न सेंटर में बीबीसी टीवी के स्टूडियो और दफ़्तर हैं.
लेकिन इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है कि बीबीसी न्यूज़ डॉट कॉम की वेबसाइट के अंतरराष्ट्रीय पन्नों पर विज्ञापन दिखाए देंगे या नहीं.
बीबीसी के मीडिया संवाददाता निक हाइएम का कहना है कि "सबसे ज्यादा मार लंदन के न्यूज़रूम और डॉक्युमेंट्री बनाने वाले विभागों पर पड़ेगी."
कामगार संगठनों ने इन कटौतियों का जमकर विरोध किया है और बताया जा रहा है कि नवंबर-दिसंबर में बीबीसी में एक बार फिर हड़ताल देखने को मिल सकती है.
ये फ़ैसला बीबीसी के घरेलू रेडियो, टीवी प्रसारणों और वेबसाइटों से संबंधित है, इसका सीधा असर बीबीसी वर्ल्ड सर्विस की भाषाई सेवाओं पर नहीं पड़ेगा.