गुरुवार, 18 अक्तूबर, 2007 को 08:17 GMT तक के समाचार
निर्वासित तिब्बती आध्यात्मिक नेता दलाई लामा को अमरीका का सर्वोच्च नागरिक सम्मान देने के विरोध में चीन ने अमरीकी राजदूत को तलब किया है.
चीन ने दलाई लामा को यह सम्मान दिए जाने की कड़े शब्दों में निंदा की है.
चीन ने बीजिंग में नियुक्त अमरीकी राजदूत को शुक्रवार को अपना विरोध व्यक्त करने के लिए तलब किया है.
चीन के विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने अपने बयान में कहा है कि अमरीका ने दलाई लामा को यह सम्मान देकर अमरीका और चीन के बीच के संबंधों की उपेक्षा की है.
चीनी प्रवक्ता ने कहा कि अमरीका ने ऐसा करके चीन के अंदरूनी मामलों में दखल देने की कोशिश की है.
सम्मान या कूटनीति
ग़ौरतलब है कि निर्वासित तिब्बती आध्यात्मिक नेता दलाई लामा को अमरीका ने अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया है.
अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने दलाई लामा को गोल्ड मैडल देकर सम्मानित किया और उनके साथ सार्वजनिक रूप से नज़र भी आए.
दलाई लामा को यह पुरस्कार देते हुए अमरीकी राष्ट्रपति ने चीन से अपील की थी कि वो दलाई लामा के साथ बातचीत शुरू करे.
उल्लेखनीय है कि चीन की सेना ने 1951 में तिब्बत पर कब्जा कर लिया था और तब से चीन पर तिब्बत में मानवाधिकार हनन के आरोप लगते रहे हैं.
हालांकि विश्लेषकों का कहना है कि दलाई लामा को सम्मानित करना अमरीका का कूटनीतिक क़दम है और वह इसके ज़रिए ईरान और उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम पर चीन का सहयोग हासिल करना चाहता है.