शनिवार, 13 अक्तूबर, 2007 को 10:25 GMT तक के समाचार
इराक़ में अमरीकी सेना के एक पूर्व प्रमुख ने वहाँ चल रहे संघर्ष में वर्तमान अमरीकी रणनीतियों की भर्त्सना की है. उन्होंने कहा कि यह ‘एक ऐसा दुस्वप्न है जिसका दूर तक कोई अंत नहीं दिखता.’
सेवानिवृत लेफ़्टिनेंट जनरल रिकॉर्डो सांचेज़ ने अमरीकी राजनेताओं को ‘अक्षम’ और ‘भ्रष्ट’ की संज्ञा दी.
उन्होनें कहा कि यदि ये लोग सेना में होते तो इनके ऊपर काम में लापरवाही बरतने के तहत कोर्ट मार्शल की कारर्वाई होती.
जनरल सांचेज़ ने कहा कि वर्तमान रणनीतियों के तहत अमरीका इराक़ में बस अपनी हार को थोड़ी देर के लिए टाल सकता है.
यह बात उन्होनें वाशिंगटन के नज़दीक आरलिंग्टन में एक संवाददाता सम्मेलन में कही.
'गलत रणनीति'
जनरल सांचेज़ ने कहा कि सद्दाम हुसैन के पतन के बाद कई ग़लत राजनीतिक फ़ैसलों ने इराक में चरमपंथ के लिए रास्ता साफ़ कर दिया.
उन्होंने इराक़ी सेना के विघटन, तेज़ी से सरकार के गठन में नाकामी और जनजातीय नेताओं के साथ संबंधों को मज़बूत नहीं बनाने के लिए अमरीका को दोषी ठहराया है.
व्हाइट हाउस ने इराक़ में राजनीतिक स्थिरता लाने और जातीय हिंसा को रोकने के लिए इस साल तीन हज़ार अतिरिक्त अमरीकी सैनिकों को भेजा है.
पर जनरल सांचेज़ ने इसे पिछले वर्षों में हुई ग़लतियों को सुधारने के लिए उठाया गया कदम क़रार दिया है.
वहीं व्हाइट हाउस ने इराक़ में वर्तमान कमांडर जनरल डेविड पेट्रियस और अमरीकी राजदूत रायन क्रोकर की रिपोर्ट की तरफ़ इशारा करते हुए कहा कि स्थिति मुश्किल है लेकिन उसमें धीरे-धीरे सुधार हो रहा है.
व्हाइट हाउस के प्रवक्ता ट्रे बॉन ने कहा, “हम देश के लिए जनरल सांचेज़ की सेवा की कद्र करते हैं...लेकिन जैसा कि डेविड पेट्राइअस और रायन क्रोकर ने कहा है, काफ़ी काम बाकी है लेकिन इराक़ में हालात सुधर रहे हैं.
सानचेज 2003 के मध्य से एक साल तक इराक़ में संयुक्त सैन्य बल के कमांडर थे.
बग़दाद के अबू गरीब जेल में बंदियों को लेकर हुए विवाद के बाद उन्होंने सेवानिवृत्ती ले ली थी. वे सभी तरह के आरोपों से बरी हो गए थे.