शुक्रवार, 12 अक्तूबर, 2007 को 08:42 GMT तक के समाचार
अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस ने कहा है कि रूस के कड़े विरोध के बावजूद पूर्वी यूरोप में मिसाइल सुरक्षा प्रणाली स्थापित करने की योजना पर अमल होगा.
लेकिन रूसी राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर ऐसा हुआ तो रूस के लिए मध्यम दूरी के मिसाइलों के समझौते पर क़ायम रहना कठिन होगा.
उल्लेखनीय है कि अमरीका पोलैंड और चेक गणराज्य में मिसाइल सुरक्षा प्रणाली स्थापित करना चाहता है और रूस इसका विरोध कर रहा है.
रूस ने प्रस्ताव दिया था कि यह प्रणाली अज़रबैजान में स्थापित की जानी चाहिए. लेकिन रूस के इस प्रस्ताव को अमरीका ने ठुकरा दिया था.
एजेंडा में ऊपर
कोंडोलीज़ा राइस इस समय मॉस्को में हैं और वे राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन सहित कई रूसी अधिकारियों से मिलने वाली हैं. उनके साथ अमरीकी रक्षामंत्री रॉबर्ट गेट्स भी हैं.
इन दोनों अमरीकी मंत्रियों के पास रूसी अधिकारियों से बात करने के लिए कई विवादित मुद्दे हैं जिसमें ईरान और कोसोवो शामिल हैं.
लेकिन बीबीसी संवाददाता रिचर्ड गालपिन का कहना है कि लगता है कि एजेंडा में सबसे ऊपर मिलाइल सुरक्षा प्रणाली होगा.
अमरीका अगले पाँच साल में पोलैंड और चेक गणराज्य में मिसाइल सुरक्षा प्रणाली स्थापित करना चाहता है. उसका कहना है कि वह यूरोप और अमरीका को ईरान और उत्तर कोरिया जैसे देशों से होने वाले ख़तरों से बचाना चाहता है.
लेकिन रूस को लगता है कि इस प्रणाली के निशाने पर वह ख़ुद भी है और इसलिए रूस ने इस पर नाराज़गी ज़ाहिर करते हुए कहा है कि यदि अमरीका यह प्रणाली स्थापित करेगा तो वह अपने हथियारों का रुख़ यूरोप की ओर मोड़ देगा.
हालांकि अमरीकी विदेश मंत्री राइस ने कहा है कि अमरीकी योजना नहीं रुकेगी लेकिन उन्होंने कहा है कि अमरीका रूसी रडार उपयोग में लाने के प्रस्ताव पर विचार करने को तैयार है.