सोमवार, 01 अक्तूबर, 2007 को 17:54 GMT तक के समाचार
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने दिसंबर में होनेवाले संसदीय चुनावों में खड़े होने के संकेत देकर प्रधानमंत्री बनने की अटकलों को हवा दे दी है.
पुतिन के राष्ट्रपति पद के कार्यकाल के दो साल पूरे हो जाएँगे और उन्हें अगले साल यह पद छोड़ना है.
इसके पहले पुतिन ने कई बार ये कहा है कि वो राष्ट्रपति का ये कार्यकाल समाप्त होने के बाद फिर से राष्ट्रपति बनने की कोशिश नहीं करेंगे.
अब उन्होंने ऐसे संकेत दिए हैं कि वो रूस के प्रधानमंत्री बन सकते हैं.
पुतिन ने संसद में उनकी सबसे प्रमुख समर्थक पार्टी यूनाइटेड रशिया के एक चुनाव पूर्व सम्मेलन में प्रधानमंत्री पद के सवाल पर कहा,'' जहाँ तक सरकार के नेतृत्व का प्रश्न है तो ये सुझाव वास्तविकता से परे नहीं है. लेकिन इसके बारे सोचना अभी जल्दबाजी है.''
पुतिन का कहना था,'' इसके लिए दो शर्तें पूरी की जानी है, एक तो चुनावों में यूनाइटेड रशिया पार्टी जीते और दूसरे एक शालीन, सक्षम, आधुनिक शख्स राष्ट्रपति के रूप में जीते जिसके साथ मैं काम कर सकूँ.''
राष्ट्रपति से प्रधानमंत्री
बीबीसी संवाददाता का कहना है कि यदि पुतिन दिसंबर में संसद के लिए चुन लिए जाते हैं तो जब वे राष्ट्रपति पद छोड़ेगे तो उनके लिए प्रधानमंत्री पद खाली रहेगा.
संवाददाता का कहना है कि पुतिन की घोषणा अप्रत्याशित ज़रूर है लेकिन एक बात तो तय है कि पुतिन रूस की सत्ता में बने रहना चाहते हैं.
रूसी संविधान के अनुसार कोई भी शख्स तीसरी बार राष्ट्रपति नहीं बन सकता है.
हालांकि इतना तो तय है कि पुतिन रूस में इतने लोकप्रिय हैं कि संसद की सीट हासिल करना उनके लिए कोई मुश्किल काम नहीं होगा.
इसका मतलब ये कि प्रधानमन्त्री बनने का उनका रास्ता खुल जाएगा.
जनमत सर्वेक्षण बताते हैं कि वो रूस में सबसे अधिक लोकप्रिय नेता हैं.
कार्नेगी मास्को सेंटर के एंद्री रायबोफ़ ने बीबीसी से बातचीत में कहा,'' ये सोचना थोड़ा मुश्किल है कि पुतिन इतने ताक़तवर राष्ट्रपति रहने के बाद प्रधानमंत्री बनेंगे...वो राष्ट्रपति के नीचे काम नहीं करेंगे.''
उनका कहना था,'' पुतिन को सर्वोच्च बनाने के लिए संविधान में परिवर्तन करना होगा और पुतिन हमेशा कहते रहे हैं कि वो संविधान में परिवर्तन करना चाहते हैं.''