रविवार, 30 सितंबर, 2007 को 11:55 GMT तक के समाचार
बर्मा से आ रही रिपोर्टों में कहा गया है कि संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत इब्राहिम गम्बारी ने विपक्षी नेता आंग सान सू ची से मुलाक़ात की है.
रिपोर्टों में कूटनीतिक सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि गम्बारी और सू ची की मुलाक़ात रंगून में हुई.
इससे पहले संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत इब्राहिम गम्बारी ने देश की नई राजधानी नेपिएडॉ में बर्मा के सैनिक नेताओं से भी मुलाक़ात की.
माना जा रहा है कि गम्बारी ने बर्मा के सैनिक नेताओं पर इसके लिए दबाव बनाया है कि वे लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ बल प्रयोग रोकें.
हालाँकि इस बारे में विस्तृत जानकारी नहीं मिल पाई है. इस बीच रातभर चली कार्रवाई में सुरक्षा बलों ने रंगून से बड़ी संख्या में लोगों को गिरफ़्तार किया है.
जाँच
इस बीच गुरुवार को लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनों के दौरान एक जापानी पत्रकार की मौत की जाँच के लिए जापान के विशेष दूत बर्मा पहुँच रहे हैं.
बर्मा की सरकार ने कहा है कि पिछले सप्ताह विरोध प्रदर्शनों के दौरान 10 लोग मारे गए हैं. हालाँकि राजनयिक और प्रदर्शनकारियों ने मरने वालों की संख्या और ज़्यादा बताई है.
इस बीच प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई के कारण बर्मा सरकार की कड़ी आलोचना हो रही है. चीन के साथ-साथ दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के संगठन आसियान ने भी कार्रवाई की आलोचना की है. बर्मा भी आसियान का सदस्य है.
बर्मा गए संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत इब्राहिम गम्बारी सरकार और विपक्षी नेताओं के बीच मध्यस्थता की कोशिश कर रहे हैं.