रविवार, 30 सितंबर, 2007 को 02:15 GMT तक के समाचार
चीन के प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि बर्मा की सैनिक सरकार को हिंसा का दौर ख़त्म करने के लिए क़दम उठाना चाहिए.
बर्मा के साथ मधुर संबंध रखने वाले चीन के प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ ने ब्रितानी प्रधानमंत्री गोर्डन ब्राउन से मुलाक़ात के बाद यह बयान जारी किया है.
संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत इब्राहिम गांबरी बर्मा के सैन्य शासन के समझाने-बुझाने के लिए रंगून पहुँचे हैं.
तीन दिनों की सरकारी कार्रवाई के बावजूद बर्मा की राजधानी रंगून में सैंकड़ों लोगों ने एक बार फिर विरोध प्रदर्शन किया है.
चीन का रूख़
चीन ने अब तक स्पष्ट तौर पर बर्मा की सैनिक सरकार को कोई संदेश नहीं दिया था.
लेकिन अंतरराष्ट्रीय दबाव के बाद उसने बर्मा में शांति की बहाली की अपील की है.
जियाबाओ ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि बर्मा में सभी पक्ष मिलजुल कर लोकतंत्र को बढ़ावा देने के लिए काम करेंगे.
यूरोपीय संघ के विदेशी मामलों के प्रमुख हाविए सोलाना ने चीन से बर्मा पर दबाव डालने की अपील की थी.
उन्होंने एक जर्मन अख़बार को दिए इंटरव्यू में कहा था कि बर्मा की सैनिक सरकार के साथ संबंध रखने वाले सभी देशों को अब आगे आना चाहिए.
प्रदर्शन
रंगून में विरोध प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षाबलों ने फिर कार्रवाई की है.
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कम से कम दो प्रदर्शनकारी इस कार्रवाई में बुरी तरह जख़्मी हो गए.
पाकोकू शहर में बौद्ध भिक्षुओं ने हज़ारों प्रदर्शनाकरियों का नेतृत्व किया.
इस बीच संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत इब्राहिम गामरी रंगून पहुँच गए हैं. वो सैनिक सरकार के अधिकारियों के साथ बातचीत करेंगे.