शुक्रवार, 28 सितंबर, 2007 को 08:17 GMT तक के समाचार
बर्मा की सैनिक सरकार ने विरोध प्रदर्शनों का केंद्र बने मुख्य बौद्ध मठों को सील कर दिया है. इस बीच संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत बर्मा पहुँच रहे हैं.
इस बीच बर्मा का शेष विश्व के साथ इंटरनेट संपर्क टूट गया है.
सुरक्षा बलों ने राजधानी रंगून में पाँच बौद्ध मठों की घेराबंदी कर ली है और वहाँ किसी के आने-जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है.
ये क़दम लोकतंत्र की बहाली की माँग कर रहे प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़पों के बाद उठाया गया है जिसमें गुरुवार को नौ लोग मारे गए थे. इनमें जापान का एक पत्रकार भी शामिल है.
हालाँकि ये आधिकारिक आँकड़े हैं. बर्मा स्थित ऑस्ट्रेलियाई दूतावास का कहना है कि मारे गए लोगों की सख्या कहीं अधिक हो सकती है.
संयुक्त राष्ट्र की पहल
रंगून में शुक्रवार को भी भारी संख्या में लोग एकत्रित हुए हैं. सुरक्षा बलों ने सड़कों पर जगह-जगह अवरोधक लगा रखे हैं.
संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत इब्राहिम ग़ामरी बर्मा पहुँच रहे हैं. वो मौजूदा संकट की समीक्षा करेंगे.
दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों के संगठन आसियान ने प्रदर्शन कर रहे बौद्ध भिक्षुओं और आम लोगों पर बल प्रयोग की निंदा की है और अमरीका ने बर्मा के ख़िलाफ़ प्रतिबंध और कड़े कर दिए हैं.
संयुक्त राष्ट्र में चीन के राजदूत ने बर्मा सरकार से संयम बरतने की अपील की है. दूसरी ओर बर्मा के निर्वासित प्रधानमंत्री श्वे विन ने भारत से हस्तक्षेप करने की अपील की है.
इंटरनेट संपर्क टूटा
बर्मा का शेष दुनिया के साथ इंटरनेट संपर्क टूट गया है. प्रदर्शनकारी इंटरनेट के ज़रिए विरोध प्रदर्शनों और सैनिक कार्रवाई की तस्वीरें अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों तक पहुँचा रहे थे.
रंगून में इंटरनेट कैफे के एक मालिक ने बताया कि अधिकारियों ने कनेक्शन बंद कर दिया है.
जबकि एक दूसरी रिपोर्ट के मुताबिक समुद्र के नीचे बिछा केबल टूट गया है.