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बुधवार, 26 सितंबर, 2007 को 04:46 GMT तक के समाचार

अब बर्मा में विपक्षियों की धरपकड़

बर्मा के सैन्य शासकों ने वहाँ चल रहे विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए विपक्षियों की धरपकड़ शुरु करते हुए दो प्रमुख नेताओं को गिरफ़्तार किया है.

जिन दो लोगों को गिरफ़्तार किया गया है उनमें लोकतंत्र के लिए लड़ रहे वरिष्ठ नेता यू विन नाइंग हैं और दूसरे सुप्रसिद्ध हास्यकलाकार ज़गनार हैं.

उल्लेखनीय है कि बर्मा में बोद्ध भिक्षुओं के नेतृत्व में हो रहा प्रदर्शन नौवें दिन में प्रवेश कर चुका है.

बौद्ध भिक्षु सैन्य शासन समाप्त कर लोकतंत्र की स्थापना की माँग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं और अब आम लोग भी इन प्रदर्शनों से जुड़ रहे हैं.

सैनिक शासन के ख़िलाफ़ पिछले 20 वर्षों में यह सबसे बड़ा और व्यापक प्रदर्शन है.

अधिकारियों ने रंगून में रात से सुबह तक का कर्फ़्यू लगा दिया था और दिन में अधिकारी शहर में घूम-घूमकर लाउडस्पीकरों के जरिए लोगों को आगाह करते रहे कि वे विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा न लें.

चेतावनी

हास्य कलाकार ज़गनार को बीबीसी से प्रसारित हुए उस साक्षात्कार के बाद गिरफ़्तार किया गया है जिसमें उन्होंने अपने समर्थकों से बौद्ध भिक्षुओं के प्रदर्शन का साथ देने की अपील की थी.

अधिकारियों ने किसी भी जगह पाँच से अधिक लोगों के एकत्रित होने पर प्रतिबंध लगा दिया है.

लेकिन बौद्ध भिक्षुओं ने कहा है कि वे इस आदेश का उल्लंघन करेंगे.

इस बीच ट्रकों में भरकर सैनिक और दंगा विरोधी पुलिस के जवान रंगून के बौद्ध मठों और पगोडा के सामने पहुँच रहे हैं.

संवाददाताओं ने बर्मा में 1988 की घटनाओं को दोहराने का अंदेशा जताया है. उस दौरान लोकतंत्र बहाली के आंदोलन को सैन्य शासकों ने कुचल दिया था और लगभग 3000 लोग मारे गए थे.

बर्मा में चल रहे विरोध प्रदर्शनों की शुरुआत पिछले महीने हुई थी, जब सरकार ने ईंधन की क़ीमतें बढ़ाने का ऐलान किया था. हालाँकि विरोध में तेज़ी इस हफ़्ते धार्मिक नेताओं की भागीदारी बढ़ने के बाद आई है.

बौद्ध भिक्षुओं ने बर्मा के सैनिक शासकों को जनता का दुश्मन क़रार दिया था.