रविवार, 23 सितंबर, 2007 को 11:00 GMT तक के समाचार
टाइटैनिक और उससे जुड़ी हर एक चीज़ को बेशकीमती और अहम माना जता है.
ब्रिटेन में हुई एक नीलामी में एक छोटी सी चाबी की कीमत लगी करीब 72 लाख रुपए. ऐसा माना जाता है कि अगर यह चाबी टाइटैनिक में मौजूद होती तो शायद जहाज़ न डूबता.
इस चाबी पर 'क्रोज़ नेस्ट टेलीफ़ोन टाइटैनिक' लिखा हुआ है.
भव्य और विशाल टाइटैनिक जहाज़ 15 अप्रैल, 1912 को अपनी पहली ही यात्रा के दौरान डूब गया था. इस घटना में 1522 लोग मारे गए थे.
जब जहाज़ साउथैंप्टन से न्यूयॉर्क की ओर चला तो चाबी जहाज़ पर मौजूद नहीं थी.
दुर्घटना के दौरान टाइटैनिक पर मौजूद एक आदमी ने जहाज़ डूबने की वजहों की जाँच कर रहे अधिकारियों को बताया था कि इस चाबी से दूरबीन स्टोर खुल जाता और दूरबीन से हिमखंड को काफ़ी पहले देख शायद दुर्घटना से बचा जा सकता था.
लेकिन जहाज़ के लोगों को बिना दूरबीन के ही जहाज़ के सामने वाली चीज़ों को देखना पड़ रहा था.
इसलिए वो लोग हिमखंड को तब ही देख पाए जब वो उसके नज़दीक पहुँच गए और तब तक जहाज़ की दिशा बदलने के लिए बहुत समय नहीं मिल पाया.
चाबी
चाबी डेविड ब्लेयर नाम के एक अधिकारी की जेब में रह गई थी जिसका जहाज़ की यात्रा शुरू होने से कुछ दिन पहले ही तबादला कर दिया गया था और ब्लेयर दूसरे ज़िम्मेदार आदमी को चाबी देना भूल गए थे.
अपने तबादले की वजह से डेविड ब्लेयर बहुत दुखी थे लेकिन तबादले ने उनकी जान बचा ली. उन्होंने इस चाबी को एक स्मृति-चिन्ह की तरह संभाल कर रखा हुआ था.
नीलामीकर्ता हेनरी एल्डरिज़ ने कहा कि यह चाबी एक गुमनाम आदमी को बेची गई जो टेलीफ़ोन के जरिए नीलामी में हिस्सा ले रहा था.
उन्होंने बताया, "कई लोग फ़ोन के ज़रिए और कई नीलामी कक्ष में बैठकर नीलामी में हिस्सा ले रहे थे और जिन लोगों को सफलता मिल रही थी वो बहुत ख़ुश थे."
इस नीलामी में एक टिकट की कीमत लगी क़रीब 25 लाख रुपए और जहाज़ से अपने घर लिखे एक पत्र की कीमत लगी क़रीब 13 लाख रुपए.