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शनिवार, 22 सितंबर, 2007 को 12:29 GMT तक के समाचार

बर्मा में सरकार विरोधी प्रदर्शन जारी

बर्मा में हज़ारों बौद्ध भिक्षुओं ने लगातार छठे दिन सरकार विरोधी प्रदर्शनों में भाग लिया है.

सबसे बड़े प्रदर्शन मांडले और रंगून में हुए हैं. बर्मा में बौद्ध धर्म के महत्वपूर्ण केंद्र मांडले में 10 हज़ार से ज़्यादा भिक्षुओं ने प्रदर्शन में भाग लिया, जबकि पूर्व राजधानी रंगून में क़रीब दो हज़ार भिक्षु सड़कों पर उतरे.

रंगून में बर्मा की विपक्ष की नेता आंग सान सू ची ने भी अपने घर से बाहर आकर प्रदर्शनकारी भिक्षुओं का अभिवादन किया.

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि पहले सुरक्षाकर्मियों ने सू ची के घर के इर्दगिर्द रास्तों को रोक रखा था, लेकिन बाद में आश्चर्यजनक रूप से प्रदर्शनकारियों को उनके घर के पास के रास्ते से जाने दिया गया.

एक प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार भिक्षुओं को विरोध प्रदर्शन करते देख सू ची की आँखों से अश्रुधारा बह निकली. हालाँकि उन्होंने कोई भाषण नहीं दिया.

बर्मा की सैनिक सरकार ने सू ची को नज़रबंद कर रखा है.

सरकार की दुविधा

प्रदर्शनकारियों ने कहा है कि विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला सरकार गिरने के बाद ही रुकेगा.

शनिवार को चौक, श्वेबो, मोंगवा, तौंग ड्विन ग्यी और ये नान चौंग में भी विरोध प्रदर्शन हुए. हर जगह सादे कपड़ों में पुलिस प्रदर्शनकारियों पर नज़र रख रही थी. कहीं से हिंसा की कोई ख़बर नहीं है.

प्रदर्शनकारी भिक्षुओं ने विरोध स्वरूप अपना भिक्षा पात्र उलट रखा था.

संवाददाताओं के अनुसार बर्मा के सैनिक शासक भिक्षुओं के ख़िलाफ़ कोई सीधी कार्रवाई करने से बच रही है क्योंकि ऐसा होने पर आम जनता की प्रतिक्रिया का उन्हें अंदाज़ा नहीं है.

बर्मा के बौद्ध समाज में भिक्षुओं को बहुत आदर-सम्मान दिया जाता है.

बर्मा में चल रहे विरोध प्रदर्शनों की शुरुआत पिछले महीने हुई थी, जब सरकार ने ईंधन की क़ीमतें बढ़ाने का ऐलान किया था. हालाँकि विरोध में तेज़ी इस हफ़्ते धार्मिक नेताओं की भागीदारी बढ़ने के बाद आई है.

बौद्ध भिक्षुओं ने शुक्रवार को बर्मा के सैनिक शासकों को जनता का दुश्मन क़रार दिया था.