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शनिवार, 22 सितंबर, 2007 को 12:28 GMT तक के समाचार

अहमदीनेजाद की कड़ी चेतावनी

ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने किसी भी ऐसे देश को ख़बरदार रहने की कड़ी चेतावनी दी है जो उनके देश पर हमला करने पर विचार कर रहा हो.

राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने कहा है कि ईरान की सेनाएँ आत्मरक्षा के लिए हैं लेकिन अगर कोई देश ने ईरान पर हमला करने की जुर्रत की तो उसे पछतावे के सिवाय कुछ नहीं मिलेगा.

अहमदीनेजाद ने मध्य पूर्व क्षेत्र में तथाकथित क़ाबिज़ ताक़तों से अनुरोध किया कि वे अपनी हार स्वीकार कर लें और अपने सेनाएँ इस क्षेत्र से हटा लें. इस बयान के ज़रिए उनका इशारा इराक़ में अमरीका और सहयोगी देशों की तरफ़ था.

राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने ईरान-इराक़ युद्ध की वर्षगाँठ के मौक़े पर एकत्र भारी सैन्य परेड में बोलते हुए यह चेतावनी जारी की.

इस वार्षिक परेड में ईरान के ताज़ातरीन सैन्य हथियारों और उपकरणों का प्रदर्शन किया गया जिनमें लंबी दूरी तक मार करने वाली मिसाइलें और लड़ाकू विमान भी थे.

समाचार एजेंसी एपी के अनुसार जिन ट्रकों पर ईरानी मिसाइलें लादी गई थीं उनमें से कुछ पर अमरीका और इसराइल विरोधी नारे भी लिखे हुए थे.

राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने कहा, "जिन ताक़तों ने 1980 से 1988 तक हुए ईरान-इराक़ युद्ध के दौरान ईरान को एक तार तक भी हासिल करने से रोका था अब वे ताक़तें देख लें कि ईरान के पास क्या-क्या है और यह सबकुछ उसने अपने ही ताक़तवर हाथों और होशियार दिमाग़ से बनाया है और इसमें सारा योगदान ईरान की सशस्त्र सेनाओं का है."

उन्होंने कहा, "अतीत में हुई ग़लतियों से सबक सीखो और अपनी ग़लतियाँ फिर से ना दोहराओ."

संयुक्त राष्ट्र यात्रा

राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद की यह चेतावनी ऐसे समय में आई जब अगले सप्ताह अमरीका की यात्रा पर जाने वाले हैं जहाँ वह न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करेंगे और यह संबोधन ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर तनाव के माहौल में होगा.

राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने कहा कि न किसी तरह की धमकियाँ और न ही आर्थिक प्रतिबंध ईरान की प्रोद्योगिक प्रगति को नहीं रोक सकते.