सोमवार, 17 सितंबर, 2007 को 16:50 GMT तक के समाचार
फ्रांस के विदेश मंत्री के उस बयान पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है जिसमें कहा गया था कि दुनिया को ईरान के साथ युद्ध के लिए तैयार रहना चाहिए.
ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि इस टिप्पणी से फ्रांस की विश्वसनीयता को नुक़सान पहुँचा है.
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी ईरना का कहना है कि फ्रांस अमरीका की भोंडी नक़ल कर रहा है.
रविवार को फ्रांस के विदेश मंत्री बर्नाड कुशनर ने कहा था, "हमें हर हाल के लिए तैयार रहना चाहिए जिसमें युद्ध भी शामिल है."
इसके बाद संयुक्त राष्ट्र से जुड़ी एजेंसी अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के प्रमुख ने कहा है कि "बलप्रयोग अंतिम विकल्प है."
वियना स्थित आईएईए के मुख्यालय में हुई बैठक में उसके प्रमुख मोहम्मद अल बरादेई ने कहा कि "इस समय किसी तरह का ख़तरा नहीं दिख रहा है, ऐसी स्थिति में बलप्रयोग की बात करना नुक़सानदेह ही होगा."
खंडन
ईरान लगातार कहता रहा है कि उसका इरादा परमाणु हथियार बनाने का नहीं है लेकिन शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए परमाणु ऊर्जा उसका अधिकार जिसे वह छोड़ने को तैयार नहीं है.
ईरान ने पश्चिमी देशों और संयुक्त राष्ट्र की उन अपीलों को ठुकरा दिया है जिनमें उससे यूरेनियम संवर्धन रोकने की माँग की गई थी.
पश्चिमी देशों को आशंका है कि ईरान यूरेनियम का इस्तेमाल परमाणु हथियार बनाने में कर सकता है.
फ्रांसीसी विदेश मंत्री ने कहा है कि ईरान के साथ बातचीत जारी रहनी चाहिए लेकिन अगर वह हथियार बनाने के रास्ते पर चलता है तो यह पूरी दुनिया के लिए एक बड़ा वास्तविक ख़तरा है.
ईरान और फ्रांस के बीच यह तकरार ऐसे समय पर शुरू हुई है जबकि वियना में आईएईए की बैठक ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा चल रही है.
फ्रांसीसी विदेश मंत्री के ताज़ा बयान को नए राष्ट्रपति निकोला सार्कोज़ी की राजनीति विचारधारा से जोड़कर देखा जा रहा है, पिछले फ्रांसीसी राष्ट्रपति ज्याक शिराक अमरीकी नीतियों के विरोधी रहे थे.