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बुधवार, 12 सितंबर, 2007 को 13:51 GMT तक के समाचार

सूनामी की आशंका समाप्त हुई

इंडोनेशिया में आए ताक़तवर भूकंप के बाद हिंद महासागर से लगे अनेक देशों ने सूनामी की चेतावनी जारी की थी जिसे अब वापस ले लिया गया है.

यह चेतावनी जारी करने वाले देशों में इंडोनेशिया, भारत, मलेशिया और श्रीलंका शामिल थे हालाँकि इंडोनेशिया ने कुछ देर बाद यह चेतावनी वापस ले ली थी.

अब भारत और मलेशिया ने भी कहा है कि सूनामी की आशंका नहीं है लेकिन स्थिति पर नज़र रखी जा रही है.

बुधवार को इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप में भूकंप के तीव्र झटके महसूस किए गए हैं जिनकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 7.9 मापी गई है.

भूकंप इतना शक्तिशाली था कि उससे सैकड़ों किलोमीटर दूर राजधानी जकार्ता में भी इमारतें हिल गईं.

जकार्ता में मौजूद बीबीसी संवाददाता का कहना है कि दिसंबर 2004 में आए भूकंप के बाद यह सबसे ताक़तवर भूकंप है.

ग़ौरतलब है कि उसी भूकंप के बाद समुद्र में हलचल मच गई थी और अनेक देशों में सूनामी से मची भारी तबाही में लाखों लोगों की जान गई थी.

अमरीकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने अपनी वेबसाइट पर कहा है कि इंडोनेशिया में आए भूकंप की तीव्रता सबसे पहले 8 थी और उसके बाद जो झटके आए उनकी तीव्रता 7.9 थी.

मलेशिया ने अपने समुद्री इलाक़ों के लिए चेतावनी जारी की थी कि सूनामी आने की आशंका है और लोगों को समुद्री तट से दूर रहने की सलाह दी गई है.

इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में झटके महसूस किए जाने के बाद कुछ दफ़्तरों को ख़ाली भी किया गया.

जकार्ता में एक 23 वर्षीय बैंककर्मी विद्यास्तुति ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से कहा, "नमाज़ पढ़ने के बाद मैंने भूकंप के झटके महसूस किए. मैं डर गया, मैंने अपने जूते फेंके और बस आपातकालीन दरवाज़े से भाग निकला."

सिंगापुर और थाईलैंड में भी कुछ लोगों ने भूकंप के झटके महसूस किए हैं.

भूकंप का केंद्र

भूकंप का केंद्र सुमात्रा द्वीप के बेंगकुलू शहर से सौ किलोमीटर उत्तर पश्चिम में बताया गया.

जानकारों का कहना है कि भूकंप का केंद्र समुद्र तल से लगभग 15 किलोमीटर नीचे लगता है, जोकि काफ़ी उथला है. उथला होने के कारण सुनामी की चिंता बढ़ गई थी और भारत, श्रीलंका और मलेशिया सहित हिंद महासागर के कई देशों को सूनामी अलर्ट पर डाल दिया गया था.

जानकार कहते हैं कि भारतीय समय के अनुसार ये भूकंप दोपहर तीन बजकर चालीस मिनिट के आसपास आया था जिसका मतलब है कि उसके तुरंत बाद सुनामी के आने की ज़्यादा संभावना थी लेकिन जैसे-जैसे समय बीतने के साथ ही सूनामी की चिंता कम होती जाएगी.

जहाँ तक भूकंप का सवाल है ऐसा लगता है कि सुमात्रा के बेंगकुलू शहर में कुछ इमारतें गिरी हैं. लेकिन इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में भी कई इमारतें बुरी तरह हिल गईं जिससे लोगों में भगदड़ मच गई.