बुधवार, 05 सितंबर, 2007 को 13:45 GMT तक के समाचार
जर्मन अधिकारियों ने कहा है कि अमरीकी ठिकानों पर बड़े चरमपंथी हमले की एक साज़िश को नाकाम कर दिया गया है और इस सिलसिले में तीन लोग गिरफ़्तार किए गए हैं.
अधिकारियों का कहना है कि ये तीनों लोग पाकिस्तान के प्रशिक्षण शिविरों में ट्रेनिंग हासिल कर चुके थे और उन्होंने 700 किलोग्राम रासायनिक विस्फोटक भी हासिल कर लिया था.
सरकारी वकील मोनिका हार्म्स ने बताया कि इन लोगों ने उन स्थानों पर हमला करने की साज़िश की थी जहाँ अमरीकी अधिक संख्या में आते-जाते हैं, उनके निशानों में नाइटक्लब, पब और हवाई अड्डे शामिल थे.
जर्मनी के रक्षा मंत्री फ्रांज जोसेफ़ जुंग का कहना है कि ये लोग "जल्दी ही हमला करने वाले थे."
जर्मन समाचारपत्रों का कहना है कि ये लोग जर्मनी में रैमस्टेन और फ्रैंकफर्ट स्थित अमरीकी सैनिक ठिकानों पर भी हमला करने वाले थे.
विस्फोटक
मोनिका हार्म्स का कहना है कि ये लोग बड़ी गाड़ियों में विस्फोटक भरकर उसमें धमाका करके अधिक से अधिक लोग की जान लेना चाहते थे.
उनका कहना था कि यह एक बहुत बड़ी सफलता है और इस गिरफ़्तारी के ज़रिए एक बड़े हमले को टाला जा सका है.
गिरफ़्तार किए गए तीनों लोग तीस वर्ष से कम उम्र के हैं और उन्हें इस्लामी जेहाद यूनियन के जर्मन सेल का सदस्य बताया जा रहा है.
जर्मनी के केंद्रीय अपराध ब्यूरो के प्रमुख ज्योर्ग ज़िरके ने कहा इन लोगों के मन में "अमरीकियों के प्रति गहरी घृणा थी."
इन लोगों पर पिछले छह महीनों से नज़र रखी जा रही थी लेकिन अधिकारियों का कहना है कि जब यह स्पष्ट हो गया कि वे हमला करने वाले हैं तो उन्हें पकड़ लिया गया.
इन लोगों को मंगलवार दोपहर एक अपार्टमेंट पर छापा मारकर पकड़ा गया लेकिन इन गिरफ़्तारियों की घोषणा बुधवार को की गई है.
कुछ लोगों का कहना है कि इन लोगों का इरादा 11 सितंबर की बरसी के मौक़े पर ज़ोरदार हमले करने का था.
जर्मनी के सैनिक अफ़ग़ानिस्तान में तो मौजूद हैं लेकिन उसने अपने सैनिक इराक़ नहीं भेजे थे, जर्मनी मोटे तौर पर चरमपंथी हमलों से बचा रहा है.
छह वर्ष पहले जर्मनी का हैम्बर्ग शहर तब चर्चा में आया था जब ग्यारह सितंबर के हमले की साज़िश से जुड़े लोगों को वहाँ से गिरफ़्तार किया गया था.