सोमवार, 03 सितंबर, 2007 को 01:24 GMT तक के समाचार
बीबीसी को मिली जानकारी के अनुसार ब्रिटेन ने इराक़ के बसरा शहर से अपने सैनिकों को हटाने का काम लगभग पूरा कर लिया है. वहाँ 550 सैनिक तैनात थे.
वहाँ मौजूद पाँच सौ सैनिक अब शहर से निकल कर हवाई अड्डे पर बने मुख्य ठिकाने पर चले जाएँगे जहाँ पाँच हज़ार ब्रिटिश सैनिक पहले से ही मौजूद हैं.
इसे प्रतीकात्मक क़दम के रूप में देखा जा रहा है क्योंकि इसके पूरा होने के बाद इराक़ के किसी भी शहर में ब्रिटिश फ़ौज की मौजूदगी नहीं रहेगी.
पिछले एक साल में ब्रितानी सेना ने दक्षिणी इराक़ के तीन प्रांतों का नियंत्रण इराक़ी सुरक्षा बलों को सौंपा है और काफ़ी समय से अटकलें हैं कि बसरा भी अगले कुछ महीनों में औपचारिक तौर पर इराक़ी सुरक्षा बलों के हवाले कर दिया जाएगा.
अब जबकि ब्रितानी फ़ौज बसरा शहर से निकल रही है, इन अटकलों को और बल मिलेगा.
बसरा में इराक़ी सूत्रों ने बीबीसी को बताया है कि वहाँ की सुरक्षा स्थिति ब्रितानी फ़ौज के रहते भी अच्छी नहीं थी. लेकिन अब हालात बिगड़ सकते हैं क्योंकि आपस में लड़ रहे शियाओं के गुट शहर पर नियंत्रण की कोशिश करेंगे.
निगरानी की भूमिका
ब्रितानी अधिकारियों का कहना है कि अब उनके सैनिक निगरानी की भूमिका निभाएँगे, इराक़ी सुरक्षा बलों को प्रशिक्षण देंगे और ज़रूरत पड़ने पर ही ख़ुद बाहर निकलेंगे.
बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ब्रितानी सरकार इसे एक कामयाबी के तौर पर दिखाने की कोशिश करेगी. लेकिन आलोचक सहमत नहीं होंगे और कहेंगे कि बसरा में कुछ नहीं बदला है और वो अब भी एक ख़तरनाक जगह है.
लेकिन अमरीका चाहेगा कि ब्रितानी सैनिक ज्यादा से ज्यादा समय तक इराक़ में बने रहें.
अमरीका में उन इराक़ी सुरक्षा बलों को लेकर भी चिंता है जिन्हें सब कुछ सौंप कर ब्रितानी सेना इराक़ से धीरे धीरे निकल रही है.
अमरीकी सरकार के एक सलाहकार के मुताबिक़ इराक़ी सुरक्षा बलों में अमरीका विरोधी विद्रोही और कबायली लड़ाकों की भरमार है.
ब्रिटेन इस बात से इनकार कर अमरीका से वादा कर रहा है कि वो काम पूरा होने से पहले इराक़ नहीं छोड़ेगा.
लेकिन इस बात में अब कोई शक नहीं कि इराक़ में अमरीका और ब्रिटेन के हित अब अलग अलग रास्तों पर चल पड़े हैं और अब लगता नहीं है कि ब्रिटेन वहाँ से सैनिकों को हटाने के लिए अमरीकी सैनिकों का इंतज़ार करेगा.