रविवार, 02 सितंबर, 2007 को 04:40 GMT तक के समाचार
ब्रिटेन के एक वरिष्ठ सेना अधिकारी, मेजर जनरल टिम क्रॉस ने अमरीका की इराक़ नीति की सार्वजनिक तौर पर आलोचना की है.
ऐसा करने वाले वो दूसरे ब्रितानी वरिष्ठ सैन्य अधिकारी हैं.
सेवानिवृत्त हो चुके मेजर जनरल टिम क्रॉस इराक़ युद्ध के बाद की रणनीति तैयार करने में मदद करने वाले ब्रितानी सेना के सबसे वरिष्ठ अधिकारी थे.
इससे पहले इराक़ युद्ध के दौरान ब्रितानी सेना के प्रमुख रहे जनरल सर माइक जैक्सन भी अमरीका की इराक़ नीति की आलोचना कर चुके हैं.
उन्होंने कुछ समय पहले एक साक्षात्कार में कहा था कि अमरीका की इराक़ नीति में कोई समझदारी नहीं दिखाई देती.
एक ब्रितानी अख़बार को दिए गए साक्षात्कार में मेजर जनरल टिम क्रॉस ने कहा कि अमरीका की इराक़ नीति दोषपूर्ण रही है.
उन्होंने बताया कि इराक़ युद्ध से पहले ही उन्होंने तत्कालीन अमरीकी रक्षामंत्री डोनाल्ड रम्सफील्ड से संघर्ष के बाद सुरक्षा और पुनर्निर्माण की स्थितियों को लेकर चिंता जताई थी.
हालांकि क्रॉस के मुताबिक इसपर रम्सफील्ड ने उन्हें यही जवाब दिया था कि अमरीका इस बारे में सोच चुका है और अमरीका को आशा है कि युद्ध के बाद इराक़ एक टिकाऊ लोकतंत्र के रूप में उभरेगा.
प्रतिक्रियाएं
ऐसा केवल ब्रिटेन में ही नहीं देखने को नहीं मिल रहा है, बल्कि दुनिया के कुछ दूसरे देशों से भी अमरीका की इराक़ नीति के विरोध में आवाज़ें उठती रही हैं.
पर ब्रितानी सैन्य अधिकारी की ओर से अमरीका की इराक़ नीति का विरोध ऐसे समय में सुनने को मिला है जब अपने मध्य-पूर्व अभियान को लेकर अमरीकी राष्ट्रपति बुश को देश के अंदर और बाहर भी लगातार विरोध का सामना करना पड़ रहा है.
उनपर विपक्षी इराक़ से अमरीकी सेना की समयबद्ध वापसी का दबाव डालते रहे हैं.
हालांकि ब्रितानी सैन्य अधिकारी टिम क्रॉस के बयान पर रक्षा मंत्रालय और ब्रितानी सरकार की ओर से अभी कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है.
इससे पहले जब पूर्व सेना प्रमुख माइक जैक्सन ने अमरीका की इराक़ नीति की आलोचना की थी तो अमरीकी राजदूत ने इसे ग़लत बताया था.
पर ब्रितानी रक्षा मंत्रालय ने कहा था कि सेवानिवृत्त हो चुके माइक जैक्सन की टिप्पणी को एक आम नागरिक की आम टिप्पणी की तरह देखा जाना चाहिए.