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शनिवार, 01 सितंबर, 2007 को 09:50 GMT तक के समाचार

बच्चों को 'योग' सिखाने पर चर्च का विरोध

ब्रिटेन में बच्चों के एक ग्रुप को चर्च का इस्तेमाल करने से सिर्फ़ इसलिए प्रतिबंधित कर दिया गया क्योंकि वे वहाँ 'योग' का अभ्यास कर रहे थे.

चर्च का कहना है कि योग ईसाई विरोधी है और इसमें वह सब सिखाया जाता है जो असलियत से परे है.

यह प्रतिबंध दो चर्चों पर लगाया गया है.

बच्चों के क्लब की आयोजक लुइस वुडकॉक चर्चों के इस फ़ैसले से हैरत में हैं.

उनका कहना है कि पहले सब कुछ सही था, लेकिन जैसे उन्होंने कक्षाओं के लिए 'योग' शब्द का इस्तेमाल किया, चर्चों का उनके प्रति नज़रिया बदल गया.

उन्होंने कहा कि इन कक्षाओं में संगीत, लय, ताल आदि की शिक्षा दी जाती है और ये किसी भी तरह ईसाईविरोधी नहीं हैं.

हैरानी

टॉन्टन स्थित सिल्वर स्ट्रीट बैपटिस्ट चर्च और सेंट और सेंट जेम्स एंग्लिकन चर्च के पादरियों द्वारा योग कक्षाओं पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद 41 वर्षीया वुडकुक का क्लब अब नई जगह की तलाश में है.

वुडकॉक ने कहा, "जब मुझे बताया गया कि क्योंकि योग ईसाईविरोधी है, इसलिए मैं चर्च के हॉल का इस्तेमाल नहीं कर सकती, तो मुझे यकीन ही नहीं हुआ."

उन्होंने कहा, "मैने चर्च से कहा कि ये 'यम यम योग' ग़ैरमज़हबी गतिविधि है. हम बच्चों को व्यावहारिक ज्ञान देने के लिए कई तरीके आजमाते हैं. मसलन बच्चों को बताया जाता है कि कुत्ता या बिल्ली कैसे बैठते हैं."

उधर, चर्चों ने चर्च के हॉल का इस्तेमाल नहीं करने देने के अपने फ़ैसले का बचाव किया है.

बैपिटिस्ट चर्च के रेवरेंड टिम जोंस ने बीबीसी को बताया कि जिनका ईसाइयत पर विश्वास है, वो इस प्रतिबंध की बात आसानी से समझ सकते हैं.

उनका कहना था कि योग बच्चों को वो सब कुछ सिखाता है जो असलियत के परे है.