बुधवार, 29 अगस्त, 2007 को 17:40 GMT तक के समाचार
भारत ने बुधवार को संघर्षपूर्ण मुक़ाबले में सीरिया को 1-0 से हराकर पहली बार ओएनजीसी नेहरू कप फुटबॉल प्रतियोगिता जीत ली है.
मैच का एकमात्र गोल भारत की ओर से एनपी प्रदीप ने खेल के 44वें मिनट में किया.
भारत ने लगभग 45 साल बाद फ़ुटबॉल की कोई बड़ी प्रतियोगिता जीती है.
सन् 1962 में जकार्ता के एशियाई खेलों में भारत ने फुटबॉल का स्वर्ण पदक जीता था. उसके बाद से भारत को कोई बड़ी सफलता हाथ नहीं लगी थी.
यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि सीरिया की टीम भारत से कहीं बेहतर मानी जाती है और वह रैंकिंग में भी कहीं ऊपर है.
इस जीत से भारतीय टीम की रैंकिंग में बड़ा सुधार आने की उम्मीद की जा रही है.
भारतीय टीम की जीत का श्रेय भारत के नए विदेशी कोच बॉब हॉटन को दिया जा रहा है.
जीत के बाद भारतीय टीम के कप्तान बाइचुंग भूटिया का कहना था,'' यह जीत शानदार है और मेहनत और टीम भावना का परिणाम है.''
भारत की जीत
भारत ने पहले हॉफ़ की समाप्ति के ठीक पहले 44वें मिनट में प्रदीप के गोल की मदद से 1-0 की बढ़त हासिल कर ली थी.
दाएं छोर से सुनील छेत्री ने हैडर के जरिए गेंद कप्तान बाइचुंग भूटिया की तरफ धकेली और उन्होंने पास नजदीक खड़े प्रदीप को दे दिया.
प्रदीप ने मौका न गंवाते हुए बाक्स के ठीक सामने से गेंद सीरियाई गोल पोस्ट में डाल दी.
इसके बाद दोनों ओर से गोल करने की कोशिशें कामयाब नहीं हो पाई.
खेल खत्म होने के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने तिरंगे के साथ पूरे स्टेडियम का चक्कर लगाया और दर्शकों का अभिवादन स्वीकार किया.
मैच के दौरान दर्शक 'चक दे इंडिया' लिखे पोस्टर और बैनर लिए हुए थे.
खेल के दौरान एक मौक़े पर भारतीय और सीरियाई खिलाड़ियों के बीच काफ़ी गर्मागर्मी भी हुई लेकिन रेफरी ने बीच बचाव कर स्थिति को संभाला.
पुरस्कार वितरण के दौरान सूचना प्रसारण मंत्री प्रियरंजन दासमुंशी, दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित, ओएनजीसी की ओर से क्रिकेट खिलाड़ी वीरेंदर सहवाग और भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान धनराज पिल्लै मौजूद थे.