रविवार, 26 अगस्त, 2007 को 12:16 GMT तक के समाचार
ऑस्ट्रेलिया ने आप्रवासियों के लिए नागरिक बनने संबंधी नई परीक्षा की घोषणा की है जिसमें उनसे ऑस्ट्रेलिया के इतिहास और संस्कृति के बारे में पूछा जाएगा.
टेस्ट में ऑस्ट्रेलियाई नागरिक बनने के इच्छुक आप्रवासियों से कहा जाएगा कि वो ऑस्ट्रेलिया के 10 सामाजिक मूल्यों के प्रति वचनबद्धता जताएँ. इन मूल्यों में सहनशीलता, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, धर्मनिरपेक्ष सरकार और लैंगिक समानता शामिल है.
इसके अलावा अंग्रेज़ी भाषा के लिए एक परीक्षा भी देनी होगी.
आव्रजन मंत्री केविन एंड्रूस का कहना है कि इस टेस्ट का मकसद बेहतर तालमेल बिठाना है.
आलोचकों का कहना है कि अंग्रेज़ी भाषा की परीक्षा का प्रावधन ग़ैर-अंग्रेज़ी भाषी लोगों के प्रति भेदभाव दर्शाता है. माना जा रहा है कि नया टेस्ट इस साल लागू हो जाएगा.
आलोचना
ऑस्ट्रेलियाई नागरिक बनने के इच्छुक लोगों को 20 सवालों में से 12 के सही जबाव देने होंगे.
बीबीसी संवाददाता का कहना है कि कुछ बातें ऐसी ज़रूर होंगी जो आम आस्ट्रेलियाई लोगों को नहीं मालूम होंगी.
इसमें पहले ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री का सवाल या ऑस्ट्रेलिया में यूरोपीय लोग कब आकर बसे या राष्ट्रीय गान की पहली लाइन जैसे सवाल शामिल हैं.
जो लोग इस टेस्ट में पास नहीं होंगे उन्हें दोबारा टेस्ट देने की अनुमति होगी.
ऑस्ट्रेलिया में शार्णार्थियों के एक संगठन से जुड़ी केट गौथियर ने नागरिकता टेस्ट के लिए सरकार की आलोचना की है.
एक अख़बार में दिए साक्षात्कार में उन्होंने कहा है, अगर वे चाहते हैं कि ऑस्ट्रेलिया में सब मिलजुल कर रहें तो उन्हें ऐसे कार्यक्रमों पर ज़्यादा पैसे खर्च करने चाहिए न कि ऐसे लोगों की सज़ा दें जो भाषा के चलते बेहतर तरीके से तालमेल नहीं बिठा पा रहे.