गुरुवार, 23 अगस्त, 2007 को 10:37 GMT तक के समाचार
ममता गुप्ता और महबूब ख़ान
लंदन
मच्छर का वैज्ञानिक नाम क्या है. जानना चाहते हैं ग्राम नमसाही, कटिहार बिहार के दीपक कुमार पासवान.
मच्छर Culicidae परिवार के कीट होते हैं जिनकी लगभग साढ़े तीन हज़ार जातियां पाई जाती हैं. लेकिन जो मच्छर दुनिया भर में पाए जाते हैं उन्हें Anopheles gambiae कहा जाता है. यूं तो मच्छर अलग-अलग आकार के होते हैं लेकिन शायद ही कोई 15 मिली मीटर से अधिक हो और इनका वज़न कुल 2 से 2.5 मिली ग्राम होता है. काटने का काम मादा मच्छर करती है. उसके मुंह का अग्रभाग सूंड की तरह होता है जो सुईं का काम करता है. क्योंकि मादा मच्छर अंडे देती है इसलिए उसे प्रोटीन की ज़रूरत पड़ती है जो उसे मनुष्यों और जानवरों के ख़ून से मिलता है. समझा जाता है कि मच्छरों का विकास कोई 21 करोड़ साल पहले जूरासिक काल में हुआ जब इस पृथ्वी पर विशालकाय डायनासोर विचरण करते थे.
वित्तीय वर्ष पहली अप्रैल से 31 मार्च तक ही क्यों माना जाता है. इसे पहली जनवरी से 31 दिसंबर तक क्यों नहीं माना जाता. पूछते हैं उजियार बलिया उत्तर प्रदेश से अज़हरुद्दीन.
वित्तीय वर्ष सरकारों या कंपनियों का वित्तीय लेखा-जोखा तैयार करने के लिए तय किया जाता है. इसे पहली जनवरी से 31 दिसंबर तक इसलिए नहीं रखा जाता क्योंकि साल के अंत में और बहुत सी गतिविधियां रहती हैं, क्रिसमस के त्योहार की वजह से लोग व्यस्त रहते हैं और साल के अंत से पहले लोग छुट्टियां ख़त्म करने की कोशिश करते हैं. लेकिन वित्तीय वर्ष पहली अप्रैल से 31 मार्च तक ही नहीं होता. अमरीका का वित्तीय वर्ष पहली अक्तूबर से 30 सितंबर तक होता है, ऑस्ट्रेलिया में यह पहली जुलाई को शुरू होकर 30 जून तक रहता है, ब्रिटेन, कनाडा और भारत में यह पहली अप्रैल से 31 मार्च तक होता है.
क्या भालू पेड़ पर चढ़ सकता है. जानना चाहते हैं ग्राम लोहरा बरामदपुर, ज़िला अम्बेदकर नगर उत्तर प्रदेश से राजेश कुमार पांडेय.
अधिकांश भालू शिकार का पीछा करते हुए पेड़ पर चढ़ जाते हैं लेकिन उत्तरी ध्रुवीय क्षेत्र में पाए जाने वाले सफ़ेद भालू और विशाल भूरे भालू नहीं चढ़ पाते और उसका मुख्य कारण उनका वज़न होता है.
विभिन्न देशों में समाचार एजेंसियां होती हैं जैसे भारत में पीटीआई और यूएनआई हैं. ये समाचार एजेंसियां कैसे काम करती हैं. क्या ये स्वतंत्र इकाई होती हैं. इन पर किन का नियंत्रण होता है. यह सवाल किया है रविंद्र कुमार रायपुरिया ने.
कोई भी समाचार एजेंसी पत्रकारों की ऐसी संस्था है जो ख़बरें एकत्र करके समाचार माध्यमों से जुड़े संगठनों जैसे अख़बारों, पत्रिकाओं, रेडियो और टेलिविज़न को उपलब्ध कराती है. हर समाचार एजेंसी में पत्रकारों का एक नेटवर्क होता है जो नियमित रूप से ख़बरें मुख्यालय भेजता रहता है. आमतौर पर समाचार एजेंसियाँ स्वतंत्र इकाई होती हैं लेकिन कुछ पर सरकारी नियंत्रण होता है. स्वतंत्र इकाइयों में अख़बारों की हिस्सेदारी हो सकती है.
बच्चे के जन्म के बाद नाभि नाल को क्यों बांधा जाता है. यह सवाल लिख भेजा है गांव गाड़ा राजा बासा, पश्चिम सिंहभूम झारखंड की सरस्वती बानरा ने.
जब बच्चा मां के गर्भ में होता है तो उसे प्लैसेंटा के ज़रिए पोषक तत्व मिलते रहते हैं. प्लैसेंटा गर्भाशय की दीवार से चिपका हुआ एक अस्थाई अंग होता है और नाल के ज़रिए भ्रूण से जुड़ा रहता है. बच्चे के जन्म के कुछ देर बाद प्लैसेंटा भी बाहर आ जाता है. तब इसे बच्चे से जोड़ने वाली नाल को काट दिया जाता है क्योंकि बाहर आ जाने के बाद बच्चा स्वयं सांस ले सकता है और उसे प्लैसेंटा की ज़रूरत नहीं रह जाती. नाल को बांधने की ज़रूरत सिर्फ़ इसलिए पड़ती है जिससे रक्तस्राव न हो. कुछ सप्ताह में यह नाल सूख कर गिर जाती है.
उत्तर कोरिया समेत कितने देशों ने परमाणु परीक्षण किए हैं. क्या कनाडा ने भी यह परीक्षण किए हैं. जानना चाहते हैं गांव धीरोणियों की ढाणी, बाड़मेर राजस्थान से गणपत भांभु.
सबसे पहला परमाणु परीक्षण अमरीका ने 16 जुलाई 1945 को किया था. तब से 1992 तक अमरीका 1054 परमाणु परीक्षण कर चुका है. सोवियत संघ में 715 परीक्षण हुए लेकिन 1992 में उसके विघटन के बाद से कोई परीक्षण नहीं हुआ. ब्रिटेन ने 45 परीक्षण किए और अंतिम परीक्षण 1991 में किया गया. फ़्रांस 210 परीक्षण कर चुका है, चीन 45, भारत पाँच या छ, पाकिस्तान 3 से लेकर 6 और उत्तर कोरिया ने एक परीक्षण किया है. इसके अलावा यह माना जाता है कि जापान, इसराइल, दक्षिण अफ़्रीका और जर्मनी ने भी परमाणु परीक्षण किए हैं. जहां तक कनाडा का सवाल है, उसने परमाणु परीक्षण तो नहीं किया है लेकिन वह अमरीका के परमाणु हथियार कार्यक्रम से काफ़ी नज़दीक से जुड़ा रहा है. उसने अमरीका की मैनहैटन परियोजना में सहयोग किया जिसमें ऐटम बम बनाया गया. उसने प्लूटोनियम निकालने की प्रक्रिया विकसित की, पहले ब्रिटिश बम के लिए प्लूटोनियम सप्लाई किया, अमरीका को प्लूटोनियम बेचता रहा, यहां तक कि अमरीका के परमाणु हथियार कनाडा में तैनात रहे, जिनके इस्तेमाल के लिए दोनों देशों की सहमति की ज़रूरत होती. लेकिन फिर 1971 में कैनेडा की सरकार ने उसे परमाणु रहित देश घोषित कर दिया और ये हथियार हटा लिए गए.