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सोमवार, 20 अगस्त, 2007 को 14:56 GMT तक के समाचार

पहले दौर में नहीं जीते अब्दुल्ला गुल

तुर्की में राष्ट्रपति पद के लिए प्रमुख दावेदार माने जाने वाले विदेश मंत्री अब्दुल्ला गुल पहले दौर में चुनाव जीतने में नाकाम रहे हैं.

पहले दौर में चुनाव जीतने के लिए उन्हें दो तिहाई मत की आवश्यकता थी लेकिन उन्हें 26 वोट कम मिले.

हालाँकि माना जा रहा है कि अगले दौर में उन्हें जीत मिल जाएगी क्योंकि दूसरे दौर में उन्हें सिर्फ़ सामान्य बहुमत की आवश्यकता है.

देश के कई धर्मनिरपेक्ष दलों, सेना के जनरलों और विपक्षी पार्टियों ने अब्दुल्ला गुल की उम्मीदवारी का विरोध किया था.

पहले दौर के मतदान में अब्दुल्ला गुल को 341 मत मिले लेकिन दो तिहाई मत मिलने के लिए उन्हें 367 मतों की आवश्यकता थी. उनके मुक़ाबले दो अन्य उम्मीदवारों को काफ़ी कम वोट मिले.

चुनाव

अब्दुल्ला गुल की उम्मीदवारी को लेकर ही तुर्की में संसदीय चुनाव हुए थे. लेकिन इस चुनाव में सत्ताधारी एके पार्टी को भारी बहुमत हासिल हुआ था.

संसदीय चुनाव में जीत के बाद अब्दुल्ला गुल ने वादा किया था कि वे देश के धर्मनिरपेक्ष संविधान का सम्मान करेंगे. इस साल अप्रैल में विपक्षी पार्टियों ने शुरुआती राष्ट्रपति मतदान का विरोध किया था.

उनका कहना था कि अब्दुल्ला गुल देश के धर्मनिरपेक्ष स्वरूप के लिए ख़तरा हैं. गुल की उम्मीदवारी के ख़िलाफ़ लोग सड़कों पर उतर आए थे. सेना ने भी चेतावनी दी थी कि उन्हें दख़ल देना पड़ सकता है.

लेकिन संसदीय चुनाव में सत्ताधारी एके पार्टी को 46 प्रतिशत मत मिले. इसके बाद अब्दुल्ला गुल ने कहा कि चुनाव में पार्टी को मिली सफलता इस बात का सबूत है कि ज़्यादातर देशवासी ये नहीं मानते कि उनका कोई इस्लामिक एजेंडा है.

इस्तांबुल से बीबीसी संवाददाता का कहना है कि अगले दौर में अब्दुल्ला गुल आसानी से जीत जाएँगे लेकिन इससे तुर्की की राजनीति में उनके मामले को लेकर तनाव कम नहीं होगा.