बुधवार, 15 अगस्त, 2007 को 13:38 GMT तक के समाचार
ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री एलेक्ज़ेडर डाउनर ने भारत को यूरेनियम बेचने की संभावना संबंधित बयान का बचाव करते हुए कहा है कि इससे परमाणु प्रसार को बढ़ावा नहीं मिलेगा.
हालांकि उन्होंने आधिकारिक तौर पर भारत को यूरेनियम देने की पुष्टि नहीं की.
भारत ने परमाणु अप्रसार संधि पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं और ऑस्ट्रेलिया का पहले रुख़ रहा है कि वो ऐसे किसी देश को यूरेनियम नहीं बेचेगा जिसने संधि पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं.
एलेक्ज़ेडर डाउनर ने ऑस्ट्रेलिया के एबीसी रेडियो से बातचीत में कहा कि अमरीका की तर्ज पर ऑस्ट्रेलिया भी ये माँग करेगा कि बदले में भारत अपने परमाणु संयंत्रों को खोले ताकि संयुक्त राष्ट्र के जाँचकर्ता उसकी जाँच कर सके.
उनका कहना था," ऐसा करने से तो परमाणु अप्रसार को फ़ायदा होगा न कि प्रसार बढ़ेगा. "
यूरेनियम की बिक्री
भारत और अमरीका के बीच हाल ही में परमाणु समझौता हुआ है और इसे लागू करने वाला 123 समझौता भी हो गया है. ऑस्ट्रेलिया का बयान उसी के बाद आया है.
ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री का कहना था कि अगर भारत को यूरेनियम दिया जाता है तो इसका मतलब ये नहीं होगा कि इसराइल और पाकिस्तान को भी यूरेनियम दिया जाएगा. इन दो देशों ने भी परमाणु अप्रसार संधि पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं.
एलेक्ज़ेडर डाउनर ने 2005 में आई उस रिपोर्ट की ओर इशारा किया जिसमें कहा था कि पाकिस्तानी वैज्ञानिक अब्दुल क़दीर खान ने लीबिया, ईरान और उत्तरी कोरिया को परमाणु जानकारी दी थी.
उनका कहना था, "हम पाकिस्तान को यूरेनियम देने के बारे में नहीं सोचेंगे क्योंकि उसका परमाणु प्रसार का इतिहास रहा है."
एलेक्ज़ेडर डाउनर ने ये भी कहा कि वे भविष्य में ये नहीं देखते कि इसराइल ऑस्ट्रेलिया से यूरेनियम माँगेगा.
ऑस्ट्रेलिया के मुख्य विपक्षी दल लेबर पार्टी ने कहा है कि अगर वो नवंबर में होने वाला आम चुनाव जीतती है तो भारत से किसी तरह का परमाणु समझौता रद्द कर देगी.