सोमवार, 06 अगस्त, 2007 को 13:15 GMT तक के समाचार
एक अमरीकी रिपोर्ट के मुताबिक अमरीका के पास उन एक लाख 90 हज़ार एके-47 राइफ़लों और पिस्तौलों का कोई लेखा-जोखा नहीं है जो इराक़ी सुरक्षाबलों को दिए गए हैं.
गर्वमेंट अकाउंटेबिल्टी ऑफ़िस( जीएओ) अमरीकी कांग्रेस की वो शाखा है जो छानबीन करने का काम करता है.
जीएओ का कहना है कि अमरीकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन इराक़ में पिछले तीन सालों में दिए गए हथियारों में से 30 फ़ीसदी का पता नहीं लगा पा रहा है.
पेंटागन का कहना है कि वो हथियार सप्लाई करने की प्रक्रिया पर दोबारा विचार कर रहा है.
वर्ष 2003 के बाद से अमरीका इराक़ी सुरक्षाबलों पर करीब 19.2 अरब डॉलर खर्च कर चुका है.
जीएओ का कहना है कि इस धनराशि में से कम से कम 2.8 अरब डॉलर हथियार और अन्य उपकरण खरीदने और सप्लाई करने पर खर्च किए गए.
अनियमितता
संवाददाताओं का कहना है कि इस बात की आशंका जताई जा रही है कि इनमें से कई हथियारों का इस्तेमाल अमरीकी सेना के ख़िलाफ़ किया जा रहा है.
जीएओ का कहना है कि हथियारों के वितरण की प्रणाली ठीक नहीं है और प्रक्रिया का ठीक से पालन नहीं किया गया, ख़ासकर 2004 से 2005 के बीच.
जीएओ के मुताबिक एक लाख ग्यारह हज़ार एके-47 राइफ़लें और अस्सी हज़ार पिस्तौलें ग़ायब हैं.
अमरीका के उप रक्षा मंत्री मार्क किम्मिट ने एएफ़पी को बताया कि पेंटगान नीतियों पर फिर से विचार कर रहा है ताकि हथियार इराक़ी सुरक्षाकर्मियों को ही मिलें.
हथियार ग़ायब होने की रिपोर्ट ऐसे समय आई है जब इराक़ मुद्दे को लेकर अमरीका में राजनीतिक विवाद गहराया हुआ है.
इराक़ में अमरीकी कमांडर जनरल डेविड पेट्रॉस और इराक़ में अमरीकी राजदूत रयान क्रॉकर सितंबर के मध्य तक इराक़ पर कांग्रेस को अपनी रिपोर्ट देने वाले हैं.
इस साल जुलाई में अमरीकी रक्षा मंत्रालय ने स्वीकार किया था कि अमरीका के नेतृत्व वाली गठबंधन सेना इराक़ी सेना को करीब दो तिहाई हथियार मुहैया करवाने में विफल रही है.