शनिवार, 04 अगस्त, 2007 को 05:28 GMT तक के समाचार
देर रात तक चली बहस के बाद संसद ने बुश प्रशासन को 'आतंकवाद से लड़ने के लिए संदिग्ध विदेशियों' के फ़ोन टैपिंग की अनुमति दे दी है.
इस क़ानून को स्वीकृति के बाद 'आतंकवाद से जुड़े संदिग्ध विदेशी व्यक्तियों' के फ़ोन टैपिंग और इंटरनेट के रिकॉर्ड हासिल करने के लिए सरकार को अदालत की अनुमति नहीं लेनी होगी.
हालांकि यह अनुमति अभी सिर्फ़ सीनेट यानी उच्च सदन से मिली है और अभी प्रतिनिधि सभा से उसको पारित कराना ज़रुरी होगा.
बीबीसी संवाददाता पीटर नेटलशिप का कहना है कि अभी भी कुछ ऐसे मुद्दे हैं जिस पर संसद और राष्ट्रपति के बीच मतभेद बने हुए हैं.
जिस मुद्दे पर डेमोक्रेट और राष्ट्रपति के बीच कोई मतभेद नहीं था वह यह था कि ऐसा क़ानून आ जाने से किसी संभावित चरमपंथी हमले को रोकने के लिए ख़ुफ़िया और जाँच एजेंसियाँ ज़्यादा तेज़ी से कार्रवाई कर सकेंगी.
और मतभेद फ़ोन टैपिंग और इंटरनेट डेटा लेने की प्रक्रिया को लेकर है.
संसद की चिंता थी कि इस क़ानून से लोगों के निजता और नागरिक अधिकारों का हनन होगा क्योंकि फ़ोन और इंटरनेट दोनों का अमरीका में व्यापक नेटवर्क है.
इस समय क़ानूनी रुप से इसकी अनुमति नहीं है.
राष्ट्रपति बुश ने संसद की प्रतिनिधि सभा से अनुरोध किया है कि ग्रीष्म अवकाश पर जाने से पहले संसद इसे पारित कर दे.
संभावना है कि शनिवार को इस पर प्रतिनिधि सभा चर्चा करे.