गुरुवार, 02 अगस्त, 2007 को 23:39 GMT तक के समाचार
ब्रिटेन की पुलिस का कहना है कि लगभग पाँच हफ़्ते पहले ब्रिटेन के ग्लासगो हवाई अड्डे पर हुए नाकाम हमले के मामले में हिरासत में लिए गए भारतीय मूल के इंजीनियर कफ़ील अहमद की मृत्यु हो गई है.
भारतीय मूल के कफ़ील अहमद और इराक़ी डॉक्टर बिलाल अब्दुल्लाह को इस हमले के सिलसिले में हिरासत में लिया गया था.
इस साल तीस जून को अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने दो लोगों को ग्लासगो हवाई अड्डे पर एक जलती हुई जीप से निकलते दिखाया था.
बंगलौर के 27 वर्षीय कफ़ील को जब गिरफ़्तार किया गया तब उनका शरीर 90 फ़ीसदी जल चुका था.
इसके बाद उन्हें रॉयल एलेक्सांड्रा अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती कराया गया था जहाँ उनकी मृत्यु हुई.
मीडिया के दिखाई जलती जीप
पुलिस प्रवक्ता का कहना था कि इस घटना में गंभीर रूप से घायल हुए कफ़ील की मौत गुरुवार की शाम हो गई.
जब ये घटना हुई तो हवाई अड्डे के दरवाज़े से टकराती जीप की तस्वीरें दुनिया भर में दिखाई गईं. घटनास्थल के पास खड़े यात्रियों ने अपने कैमरे और मोबाइल फ़ोन से इसे रिकॉर्ड किया था.
बाद में पुलिस ने कहा था कि एक इराक़ी डॉक्टर बिलाल अब्दुल्लाह और दूसरे भारतीय मूल के इंजीनियर कफ़ील अहमद इस घटना से संबंधित थे.
पुलिस का कहना था कि हवाई अड्डे में इस जीप में ज्वलनशील ईधन और रसायन थे जिनकी वजह से कफ़ील बुरी तरह जल गए थे.
कफ़ील अहमद की परवरिश दक्षिण भारत के बंगलौर शहर में हुई थी और उन्होंने केंम्ब्रिज और बेलफास्ट में पढ़ाई की थी.
शुरुआत में ऐसी ख़बरें आईं थीं कि वे चिकित्सक हैं लेकिन बाद में पता चला कि उन्होंने डिज़ाइन और तकनीक में डॉक्टरेड हासिल की थी.
ग़ौरतलब है कि ब्रिटेन में 29 और 30 जून को तीन चरमपंथी हमलों की कोशिश की गई थी.
इनमें से दो हमलों की कोशिश 29 जून को लंदन में की गई जबकि अगले ही दिन ग्लासगो हवाईअड्डे पर एक अन्य हमले की कोशिश की गई थी.
ग्लासगो हवाई अड्डे पर हमला करने की कोशिश के आरोप में कफ़ील के भाई डॉक्टर सबील अहमद और एक अन्य डॉक्टर गिरफ़्तार किए गए हैं.