मंगलवार, 31 जुलाई, 2007 को 16:03 GMT तक के समाचार
भारत के पत्रकार पी साईनाथ समेत सात लोगों को इस साल के रेमन मैगसेसे पुरस्कार के लिए चुना गया है.
भारत में तेज़ी से हो रहे आर्थिक विकास के बीच ग्रामीण और ग़रीब लोगों की दशा जैसे अहम सामाजिक मुद्दे पर पी साईनाथ ने काफ़ी काम किया है.
उन्हें पत्रकारिता और साहित्य के क्षेत्र में योगदान के लिए मैगसेसे पुरस्कार देने का फ़ैसला किया गया है.
मैगसेसे पुरस्कार हर वर्ष छह श्रेणियों में दिया जाता है. रेमन मैगसेसे पुरस्कार को एशिया में नोबेल पुरस्कार के समकक्ष माना जाता है.
ये पुरस्कार फ़िलीपींस के तीसरे राष्ट्रपति रेमन मैगसेसे की याद में दिया जाता है जिनकी विमान दुर्घटना में मौत हो गई थी.
रेमन मैगसेसे फ़ाउंडेशन की शुरुआत 1957 में की गई थी.
भारत के 50 वर्षीय पी साईनाथ के अलावा चीन के एक कार्यकाता चेन गुआंगचेंग को भी मैगसेसे पुरस्कार देने की घोषणा की गई है.
चेन गुआंगचेंग नेत्रहीन हैं और जेल में बंद हैं. उन्होंने ज़बरदस्ती गर्भपात और नसबंदी किए जाने की बात को उजागर किया था.
चेन को पिछले साल चार वर्ष और तीन महीने की जेल की सज़ा सुनाई गई थी.उन पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने यातायात बाधित किया और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाया. आलोचकों का कहना है कि ये आरोप ग़लत हैं.
अन्य पुरस्कृत लोग
नेपाल के 52 वर्षीय महाबीर पुन को सामूहिक नेतृत्व के लिए मैगसेसे सम्मान देने की घोषणा की गई.
नेपाल के ग्रामीण इलाक़ों में इंटरनेट सुविधा मुहैया करवाने और वहाँ के स्कूलों में कम्प्यूटर उपलब्ध करवाने में उनका काफ़ी योगदान रहा है.
वहीं चुंग टो को चीन और हॉंगकॉंग में एड्स के प्रति जागरुकता फैलाने में योगदान के लिए मैगसेसे सम्मान दिया जाएगा.
पर्यावरणविद टैंग ज़ियैंग को चीन में पर्यावरण संरक्षण पर काम करने के लिए मैगसेसे सम्मान मिलेगा.
66 वर्षीय किम सन को भी मैगसेसे पुरस्कार दिया जाएगा. कोरियाई युद्ध के दौरान वे गोलीबारी के दौरान नेत्रहीन हो गए थे.
1986 में उन्होंने आँखों का अस्पताल शुरु किया जहाँ नेत्रहीन लोगों को प्रशिक्षण दिया जाता है और नेत्रहीनों का इलाज भी किया जाता है.
फ़िलीपींस के एक नागरिक जोविटो सालोंगो को भी मैगसेसे सम्मान दिया जाएगा. 87 वर्षीय जोविटो पूर्व सीनेटर हैं और वे भ्रष्ट्राचार के ख़िलाफ़ मुहिम के लिए जाने जाते हैं.