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सोमवार, 30 जुलाई, 2007 को 21:13 GMT तक के समाचार

प्रकृति से छेड़छाड़ का एक और कारनामा

एक अध्ययन के मुताबिक़ अटलांटिक महासागर में पिछले सौ सालों के दौरान आने वाले चक्रवाती तूफ़ानों की संख्या दोगुनी हो गई है.

अध्ययनकर्ताओं के अनुसार प्रकृति के साथ मानवीय छेड़छाड़ की वजह से मौसम में बदलाव आया है जिसकी वजह से समुद्र तल का तापमान बढ़ा और 'हरीकेन' तूफ़ानों में बढ़ोत्तरी हुई.

कम दबाव के क्षेत्रों के ऊपर बनने वाले 'हरीकेन' तेज़ रफ़्तार से चक्कर काटने वाले चक्रवाती तूफा़न होते हैं.

जब यह तूफ़ान तेज़ गति से घूमते हुऐ अपने साथ पानी के बादलों को जमा कर किसी इलाक़े से टकराते है तो जान-माल का बहुत नुकसान करते है.

अध्ययन में कहा गया है कि जलवायु परिवर्तन की वजह से समुद्री तल का बढ़ता तापमान और हवा के रुख़ में आते बदलाव से तूफ़ानों की संख्या में यह बढ़ोत्तरी दर्ज़ की गई है.

यह अध्ययन लंदन के एक जर्नल 'फ़िलासोफ़िकल ट्रांजैक्शन्स ऑफ द रॉयल सोसाइटी' प्रकाशित हुआ है.

वजह

वहीं दूसरी ओर कुछ शोधकर्ताओं का मानना है कि इन तूफ़ानों की गति चक्रीय होती है और इनकी बढ़ती संख्या इनके प्राकृतिक स्वरूप की झलक भर है.

लेकिन हालिया शोध के अध्ययनकर्ताओं का मानना है कि पिछले 100 सालों में तूफ़ानों की संख्या में दर्ज़ की गई बढ़ोत्तरी की वजह सिर्फ़ प्राकृतिक नहीं है इसके पीछे कुछ और भी चीज़ें ज़िम्मेदार हैं.

हाल के वर्षों में किये गए वैज्ञानिक अध्ययनों के विश्लेषण के मुताबिक़ 1980 के बाद से 'हरीकेन' तूफ़ानों की संख्या बढ़ गई है.

इस अध्ययन में सन् 1900 से लेकर अगले सौ सालों के अंतराल में हर साल आए तूफ़ानों की संख्या की तुलना की गई.

अध्ययन में सामने आया कि इन 100 सालों के अंतराल में तूफ़ानों की संख्या दोगुनी हो गई थी.

प्रकृति से छेड़छाड़

अमरीका के कोलोराडो में वातावरण पर अध्ययन करने वाले संगठन 'यूनाइटेड स्टेट्स नेशनल सेंटर फ़ॉर एटमॉस्फ़ेरिक रिसर्च' के डॉक्टर ग्रेग हॉलैंड ने कहा, "इन सौ सालों में 'हरीकेन' तूफ़ानों की बढ़ी संख्या में प्राकृतिक बदलावों का योगदान 50 फ़ीसदी से कम रहा है."

डॉक्टर ग्रेग हॉलैंड ने ही इस अध्ययन के लेखक हैं.

उन्होंने बताया कि पिछले दशक में ग्लोबल वार्मिंग की वजह से इन तूफ़ानों की संख्या में लगभग 60 से 70 फ़ीसदी की बढ़ोत्तरी हुई.

विशेषज्ञों ने 2007 के दौरान नौ 'हरीकेन' तूफ़ानों की भविष्यवाणी की है जिसमें से पाँच ज़्यादा क्षमता वाले हो सकते हैं.