रविवार, 29 जुलाई, 2007 को 08:30 GMT तक के समाचार
ब्रिटेन के नाकाम हमलों के सिलसिले में ऑस्ट्रेलिया में गिरफ़्तार और फिर रिहा हुए डॉक्टर हनीफ़ थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक पहुँच गए हैं. रविवार देर शाम तक वो भारत पहुँच जाएँगे.
डॉक्टर हनीफ़ ने ऑस्ट्रेलिया के ब्रिसबेन हवाई अड्डे से थाई एअरवेज़ के विमान से बैंकॉक के लिए उड़ान भरी थी.
बैंकॉक के सुवर्णभूमि हवाई अड्डे पर डॉक्टर हनीफ़ ने संवाददाताओं को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि वो ठीक हैं.
डॉक्टर हनीफ़ के वकीलों का कहना है कि वो उनके वीज़ा रद्द करने के ऑस्ट्रेलियाई सरकार के निर्णय को चुनौती देंगे.
डॉक्टर हनीफ़ का वीज़ा रद्द किए जाने के अपने फ़ैसले को सही ठहराते हुए ऑस्ट्रेलिया के आव्रजन मंत्री केविन एंड्रूज़ ने कहा था कि हनीफ़ शक के दायरे में हैं.
लेकिन ऑस्ट्रेलिया के विपक्षी राजनीतिज्ञों ने डॉक्टर हनीफ़ की गिरफ़्तारी की सार्वजनिक जांच कराए जाने की मांग की है.
डॉक्टर हनीफ़ हमेशा हमले की साज़िश संबंधी कोई भी जानकारी होने से इनकार करते आए हैं.
हनीफ़ के ख़िलाफ़ ग्लासगो में कार हमले की साज़िश में जुड़ा मामला सबूतों की समीक्षा के बाद रद्द कर दिया गया था.
मुख्य अभियोजन अधिकारी का कहना है कि हनीफ़ के मामले में उनसे ग़लती हुई.
मामला
पिछले महीने ब्रिटेन में हुए नाकाम कार बम धमाकों के सिलसिले में डॉक्टर हनीफ़ को दो जुलाई को ऑस्ट्रेलिया में उस समय गिरफ़्तार किया गया था जब वे भारत जाने की तैयारी कर रहे थे.
उनके मामले को लेकर ऑस्ट्रेलियाई सरकार के रुख़ पर भी सवाल उठे थे.
दरअसल ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों ने आरोप पत्र में कहा था कि डॉक्टर हनीफ़ ने एक ‘आतंकवादी संगठन’ का सहयोग किया.
डॉक्टर हनीफ़ पर आरोप लगा कि उन्होंने अपना सिम कार्ड अपने एक रिश्तेदार को दिया था, जो कार बम धमाके के सिलसिले में एक अभियुक्त है.
वहाँ की एक अदालत ने बाद में उन्हें ज़मानत दे दी थी.
लेकिन ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने ज़मानत मिलने के कुछ ही घंटों बाद उनका वीज़ा रद्द कर उन्हें हिरासत में रखने का फ़ैसला किया था. लेकिन बाद में सरकार ने उनके ख़िलाफ़ मामला वापस लेने का निर्णय किया.