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शनिवार, 21 जुलाई, 2007 को 03:24 GMT तक के समाचार

पूछताछ में अमानवीय व्यवहार पर रोक

अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्लू बुश ने एक अध्यादेश पर हस्ताक्षर किए हैं जिसमें चरमपंथी गतिविधियों के संदिग्ध क़ैदियों को प्रताड़ित करने और अमानवीय व्यवहार करने पर रोक लगा दी गई है.

इस अध्यादेश में कहा गया है कि 'प्रताड़ना और व्यक्तिगत दुर्व्यवहार, जिसमें यौन दुराचार और धार्मिक भावनाओं पर चोट पहुँचाना शामिल है', बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए के निदेशक माइकल हैडन का कहना है कि इस आदेश से एजेंसी को वो क़ानूनी सहूलियतें मिलेंगी जिसकी वे मांग कर रहे थे.

बुश प्रशासन पर देश के भीतर और बाहर संदिग्ध चरमपंथियों से पूछताछ के तौरतरीक़ों को बदलने का दबाव बना हुआ था.

इसमें सबसे विवादित वह तरीक़ा था जिसमें क़ैदी को पानी की एक टंकी में बाँध दिया जाता है और उसके भीतर यह डर पैदा किया जाता है कि उसे डूबो दिया जाएगा.

हालांकि अमरीकी अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि कभी नहीं की कि वे पूछताछ के लिए इस तकनीक का उपयोग करते हैं, लेकिन यह भी स्पष्ट नहीं है कि यह नियम-क़ायदों के अनुरुप है या नहीं.

मानवाधिकार चिकित्सकों की संस्था के लियोनॉर्ड रुबेन्सटीन ने समाचार एजेंसी एपी से कहा है कि अध्यादेश के अपर्याप्त है.

उनका कहना था कि पूछताछ के क्रूर तरीक़ॉं को अब बंद कर देना चाहिए.

दूसरी ओर व्हाइट हाउस ने इस सवाल पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है कि इस अध्यादेश से पहले सीआईए के लिए पूछताछ के लिए कोई नियम क़ायदा था या नहीं.

बीबीसी संवाददाता डंकन केनेडी का कहना है कि यह तर्क दिए जा सकते हैं कि इस अध्यादेश के प्रावधान स्पष्ट नहीं हैं और एजेंसियाँ अभी भी ऐसे तरीक़े अपना सकती हैं जो स्वीकार्य न हों.