शुक्रवार, 20 जुलाई, 2007 को 05:07 GMT तक के समाचार
इसराइल ने 250 से अधिक फ़लस्तिनी क़ैदियों की रिहाई शुरु कर दी है.
इनमें छह महिलाएँ हैं और 11 नाबालिग.
इसराइल ने फ़लस्तिनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास के प्रति समर्थन जताने के लिए इन क़ैदियों को रिहा करने का फ़ैसला किया था.
हालांकि रिहा किए जाने वाले क़ैदियों में से एक भी हमास गुट का नहीं है, जो महमूद अब्बास के फ़तह गुट का कट्टर प्रतिद्वंद्वी है.
ख़बरें है कि क़ैदियों को दक्षिणी इसराइल के केटज़ियॉट जेल से बसों में पश्चिमी तट के रामाल्ला शहर ले जाया जा रहा है जहाँ वे अपने परिजनों से मिल सकेंगे.
समर्थन
क़ैदियों को रिहा करने के इस फ़ैसले को दो हफ़्ते पहले इसराइली प्रधानमंत्री एहुद ओल्मर्ट के मंत्रिमंडल ने मंज़ूरी दी थी.
उस समय एहुद ओल्मर्ट ने कहा था, "हम वो सारे क़दम उठाना चाहते हैं जिससे फ़लस्तीनी प्रशासन में नरमपंथियों को ताक़त मिले."
इसराइल को लगता है कि इस क़दम से पश्चिमी तट स्थित अब्बास की आपातकालीन सरकार को समर्थन मिलेगा. इस सरकार में हमास शामिल नहीं है.
उल्लेखनीय है कि पिछले महीने हमास समर्थकों ने फ़तह समर्थकों को गज़ा से बेदखल करते हुए गज़ा पर अपना नियंत्रण क़ायम कर लिया था.
उधर हमास ने इसराइली क़दम पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि फ़तह समर्थित क़ैदियों की रिहाई से इस बात की पुष्टि होती है कि महमूद अब्बास की नीति हमास और फ़तह के बीच की दरार को बढ़ाना है.
उल्लेखनीय है कि इसराइली जेलों में कोई दस हज़ार फ़लस्तीनी क़ैदी हैं और इनमें से कई पर तो कोई आरोप नहीं है.
इससे पहले इसराइल ने 2005 में चार सौ क़ैदियों को रिहा किया था, क्योंकि उस समय संघर्ष विराम की घोषणा की गई थी.