गुरुवार, 19 जुलाई, 2007 को 09:38 GMT तक के समाचार
कीनिया के लिमुरू शहर के गधों के मालिक इन दिनों अजीब परेशानी में हैं. वजह वह फ़रमान है जिसके तहत गधों को लंगोट पहनाने को कहा गया है.
लिमुरू के स्थानीय निकाय प्रशासन का कहना है कि इससे शहर की गलियों को साफ-सुथरा बनाए रखने में मदद मिलेगी.
निकाय प्रशासन का यह हुक्मनामा 16 जुलाई से लागू होना था लेकिन मीडिया में उछले इस मुद्दे और स्थानीय लोगों की तीखी प्रतिक्रिया से प्रशासन की योजना फिलहाल लटक गई है.
एक गधे के मालिक का कहना था, "अगर हम अपने गधों को लंगोट पहनाएँगे तो बहुत जल्द ही वे कहेंगे कि अब अपनी गायों को भी लंगोट पहनाइए."
संकट
लिमुरू के मेयर जेम्स कुरिया कहते हैं, "हमें पहले यह सुनिश्चित करना होगा कि इस व्यवस्था से किसी तरह तनाव पैदा न हो."
राजधानी नैरोबी से 50 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में स्थित इस शहर के एक अन्य निवासी किमानी गाथुगू का कहना है कि निकाय प्रशासन का यह फ़रमान व्यवहारिक नहीं है और बेहतर होगा कि शहर को साफ़ रखने के लिए और सफाई कर्माचारियों की नियुक्ति की जाए.
उनका कहना है कि गधा यहाँ के लिए अहम जानवर है.
गाथुगू कहते हैं, "गधे बहुत ज़रूरी हैं. इस इलाके में बहुत कम लोगों के पास कार है और सामान ढोने में गधे अहम भूमिका निभाते हैं."
जॉन किन्यांजुई कहते हैं, "निकाय के पास कर्मचारी हैं. वे भी सफाई का काम कर सकते हैं. हम टैक्स चुका रहे हैं."
गधे की लात
शहर में एक जगह से दूसरी जगह पानी पहुँचाने वाले साइमन कमाऊ कहते हैं, "मैं पिछले तीन साल से गधों से पानी ढो रहा हूँ और इस दौरान मैने कभी भी गधों के लंगोट नहीं बाँधी."
वो कहते हैं, "समस्या और भी है. लंगोट बांधने की कोशिश में गधा आपको ज़ोरदार दुलत्ती मार सकता है. मुझे एक बार गधे ने लात मारी थी और मेरी टाँग टूट गई थी."
उन्होंने कहा, "निकाय प्रशासन के कर्मचारियों को हमारे पास आकर बताना चाहिए कि गधे को लंगोट किस तरह से बाँधें."
लेकिन मेयर कुरिया अपनी योजना को अमली जामा पहनाने के लिए संकल्पबद्ध हैं.
वो कहते हैं, "मैं सुना है कि कुछ इलाकों में गधों को लंगोट पहनाया जाता है."
उन्होंने कहा, "हम इन इलाकों में जाएँगे और देखेंगे कि वे गधों को लंगोट कैसे पहनाते हैं. हम चाहते हैं लोगों की जीविका कायम रहे, लेकिन साथ ही हम शहर को भी साफ रखना चाहते हैं."