सोमवार, 16 जुलाई, 2007 को 17:08 GMT तक के समाचार
ब्रिटेन ने रूस के चार राजनयिकों को देश से निकालने का फ़ैसला किया है, ये चारों अधिकारी ब्रिटेन स्थित रूसी दूतावास में तैनात हैं.
इससे पहले रूस ने एलेक्ज़डेंर लित्विनेन्को की हत्या के मामले से जुड़े रूसी ख़ुफ़िया अधिकारी को ब्रिटेन को सौंपने से मना कर दिया था.
ब्रितानी विदेश मंत्री डेविड मिलिबैंड ने कहा कि रूस के साथ जारी सहयोग के कई पहलुओं की भी समीक्षा की जा रही है.
ब्रितानी प्रधानमंत्री गोर्डन ब्राउन ने कहा है कि उन्हें इस फ़ैसले पर कोई दुख नहीं है. उन्होंने कहा कि वो रूस के साथ अच्छे रिश्ते चाहते हैं लेकिन जब किसी की हत्या हो जाए और निर्दोष लोगों की जान को ख़तरा हो तो कार्रवाई ज़रूरी हो जाती है.
इस बीच रूसी विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने ब्रिटेन के इस क़दम को 'अनैतिक' बताते हुए कहा है कि इसके 'गंभीर परिणाम' हो सकते हैं.
रूस से आकर ब्रिटेन में शरण लेने वाले लित्विनेन्को की हत्या पिछले वर्ष रेडियो विकिरण का इस्तेमाल करके कर दी गई थी.
इस सिलसिले में ब्रितानी पुलिस ख़ुफ़िया एजेंसी केजीबी के अधिकारी आंद्रेई लुगोवियो का प्रत्यर्पण कराना चाहती है जिससे रूस ने इनकार कर दिया है.
लित्विनेन्को ख़ुद भी केजीबी के लिए काम करते थे और बाद में राजनीतिक शरणार्थी के रूप में ब्रिटेन में रह रहे थे.
ब्रितानी विदेश मंत्रालय ने निकाले जाने वाले अधिकारियों का नाम नहीं बताया है.
मिलिबैंड ने संसद में कहा कि रूस ब्रिटेन का एक अहम साझीदार है, "ब्रिटेन ने यह स्थिति पैदा नहीं की है और न ही हम इससे ख़ुश हैं."
उन्होंने कहा कि रूस को सही संदेश देना ज़रूरी है कि ब्रिटेन हत्या के मामले को बहुत गंभीरता से लेता है. ब्रितानी विदेश मंत्री का कहना है कि रूस के इनकार करने से उन्हें काफ़ी निराशा हुई है.
'गंभीर मामला'
लित्विनेन्को की हत्या को एक गंभीर मामला बताते हुए मिलिबैंड ने कहा, "सैकड़ों लोगों की जान के लिए रेडियो विकिरण से भारी ख़तरा पैदा हो गया था."
विपक्षी टोरी पार्टी के नेता विलियम हेग ने कहा कि वे सरकार के इस क़दम का पूरी तरह समर्थन करते हैं.
हेग ने आशा प्रकट की कि रूस परमाणु अप्रसार, मध्य पूर्व शांति प्रक्रिया, कोसवो, ईरान जैसे मामलों पर सहयोग बनाए रखेगा, उन्होंने कहा कि रूसी सरकार से और अधिक सहयोग की आशा ब्रिटेन को है.
विपक्षी पार्टी टोरी पार्टी के अध्यक्ष रह चुके हेग ने कहा, "यह मामला इतना गंभीर है कि इसे किसी सूरत में नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता."
ब्रितानी पुलिस का कहना है कि वह लुगोवियो पर ज़हर देकर हत्या करने का मुक़दमा चलाना चाहती है.
पृष्ठभूमि
एलेक्ज़ेंडर लित्विनेन्को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की नीतियों के आलोचक थे और पुतिन के व्यक्तिगत जीवन पर लगाए गए आरोपों को लेकर चर्चा में रहे थे.
लित्विनेन्को की मौत के बाद उनका एक बयान भी जारी किया गया था जिसमें उन्होंने अपनी स्थिति के लिए ब्लादिमीर पुतिन को ज़िम्मेदार ठहराया था.
लित्विनेन्को के दोस्तों का आरोप है कि उन्हें पुतिन का आलोचक होने की वजह से ज़हर दिया गया था.
लित्विनेन्को वर्ष 2000 में ब्रिटेन आने के बाद से निर्वासित ज़िंदगी गुज़ार रहे थे. उन्हें बाद में यहाँ की नागरिकता भी मिल गई थी.
पिछले साल नवंबर में लंदन के एक रेस्टोरेंट में कुछ लोगों से मिलने के बाद अचानक लित्विनेन्को की तबीयत ख़राब हो गई और दिनोंदिन बिगड़ती चली गई और फिर उनकी मृत्यु हो गई.