जापान में अधिकारियों का कहना है कि वहाँ आए भूकंप से एक परमाणु संयंत्र को नुकसान पहुँचा है और उससे रेडियोधर्मी पदार्थ लीक हो गया है.
अधिकारियों का कहना है कि समुद्र में ऐसा पानी चला गया है जिसमें रेडियोधर्मी पदार्थ था और काशीवज़ाकी परमाणु संयंत्र में आग भी लग गई.
टोक्यो विद्युत ऊर्जा कंपनी ने कहा है कि इस रेडियोधर्मी पदार्थ के लीक होने से पर्यावरण को कोई ख़तरा नहीं है.
भूकंप के चलते कम से कम सात लोग मारे गए हैं और सैकड़ों लोग घायल हुए हैं.
पहले भूकंप के कुछ घंटे बाद दोबारा भूकंप के झटके महसूस किए किए. इसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 6.6 मापी गई.
6.8 की तीव्रता वाला भूकंप आने पर रिएक्टर अपने आप बंद हो जाते हैं.
भूकंप के कारण सैकड़ों घर और व्यापारिक संस्थान नष्ट हो गए हैं. पहले भूकंप के बाद करीब सात हज़ार लोगों को उनके घरों से हटाया गया था.
चुनाव प्रचार में व्यस्त जापान के प्रधानमंत्री ने अपना काम छोड़ प्रभावित इलाक़े का दौरा किया है.
उन्होंने कहा है कि बचाव कार्य के लिए हर संभव कोशिश की जाएगी.