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शनिवार, 14 जुलाई, 2007 को 09:45 GMT तक के समाचार

रूस ने अहम संधि से हाथ खींचे

रूस ने शीत युद्ध के बाद की एक अहम हथियार नियंत्रण संधि से अपने आप को अलग कर लिया है. रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन ने इस संधि से अलग होने को मंज़ूरी दे दी.

रूस पहले ही इस संधि पर अपनी आपत्ति व्यक्त कर चुका है. एक बयान में रूसी सरकार ने कहा है कि उसे अपनी सुरक्षा पर होने वाले असर को देखते हुए विशेष परिस्थिति में यह फ़ैसला करना पड़ा है.

पिछले कुछ महीनों से रूस अमरीका की मिसाइल सुरक्षा प्रणाली को लेकर चिंतित है. अमरीका इस प्रणाली को पोलैंड और चेक गणराज्य में स्थापित करना चाहता है.

उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नैटो) के एक प्रवक्ता ने कहा है कि अगर रूस के इस फ़ैसले की पुष्टि हो जाती है तो संगठन के महासचिव इस पर बहुत खेद व्यक्त करेंगे.

समझौता

उन्होंने कहा कि नैटो इस संधि को यूरोप की सुरक्षा के लिए काफ़ी अहम समझौता है. द कन्वेंशनल फ़ोर्सेज़ इन यूरोप (सीएफ़ई) संधि शीत युद्ध के बाद यूरोप की अहम सुरक्षा संधि मानी जाती है.

वारसॉ संधि को ख़त्म करने के बाद सीएफ़ई संधि पर हस्ताक्षर किए गए थे.

रूस का मानना है कि वर्ष 1990 की ये संधि पुरानी पड़ चुकी है और अपनी ज़मीन पर ही सैनिकों को इधर-उधर भेजने पर पाबंदी लगाती है.

रूस ने वर्ष 1999 में इस संधि में हुए बदलावों को स्वीकार कर लिया था लेकिन नैटो ने ऐसा नहीं किया. नैटो की मांग है कि पहले रूस जॉर्जिया और माल्दोवा से अपने सैनिकों को वापस बुलाए.