मंगलवार, 10 जुलाई, 2007 को 08:38 GMT तक के समाचार
चीन की सरकारी न्यूज एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार भ्रष्टाचार के दोषी ठहराए गए वहाँ के खाद्य और दवा सुरक्षा प्रमुख झेंग जियाओ को मौत दे दी गई है.
मई में चले मुक़दमे की सुनवाई के दौरान जियाओ को 65 लाख युवान यानी लगभग साढ़े आठ लाख अमरीकी डॉलर घूस के रूप में लेने का दोषी पाया गया.
घूस की इस मोटी रकम को दोयम या नकली दवाओं से जोड़कर देखा गया.
उनके कार्यकाल में ऐसी कुछ दवाओं को मान्यता दी गई थी, जो नकली पाई गईं.
चीन में नकली दवाओं से कई लोगों की जानें गई हैं.
झेंग ने मौत की सज़ा के ख़िलाफ़ यह कहते हुए अपील की थी कि यह दंड बहुत 'कठोर' है.
उनका कहना था कि उन्होंने अपना गुनाह कबूल कर लिया है और वह पुलिस से सहयोग कर रहे हैं.
उनकी अपील पर जून के मध्य में सुनवाई हुई और इसे ख़ारिज़ कर दिया गया.
ज़हरीले रसायन
वर्ष 2005 में झेंग को उनके पद से बर्खास्त करने के बाद चीन सरकार ने लगभग एक लाख 70 हज़ार मेडिकल लाइसेंसों की समीक्षा करने की घोषणा की थी, जिन्हें झेंग के कार्यकाल के दौरान लाइसेंस जारी किए गए थे.
मंगलवार को बीजिंग में प्रेस कांन्फ्रेंस में खाद्य एवं दवा एजेंसी ने कहा कि सुरक्षा प्रणाली असंतोषजनक है और इसमें सुधार की दरकार है.
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जियाओ ने विभाग को 'शर्मसार' किया है और जो भी शख्स अपने अधिकारों का दुरुपयोग करता है, उसे दंडित किया जाना चाहिए.
चीन के अधिकारी पहले ही मान चुके हैं कि अगर नकली और दोयम दर्जे की वस्तुओं पर रोक के उपाय नहीं किए गए तो सामाजिक असंतोष बढ़ सकता है और विदेशों में चीन की छवि को और नुक़सान हो सकता है.
नकली खाद्य वस्तुओं और दवाओं से चीन में दर्जनों लोगों की मौत हुई है और इससे चीनी सामान के निर्यात को भी नुक़सान पहुँचने की आशंका पैदा हुई है.
वर्ष 2005 में चीन में 13 शिशुओं की कुपोषण से मौत हुई थी. कुपोषण का कारण उन्हें ऐसा दूध पिलाना था, जिसमें पौष्टिक तत्व थे ही नहीं.