सोमवार, 09 जुलाई, 2007 को 14:48 GMT तक के समाचार
लंदन में 21 जुलाई 2005 को हुए विफल बम हमलों के सिलसिले में चार लोगों को दोषी पाया गया है.
दो साल पहले 21 जुलाई को लंदन में बम धमाके करने की कोशिश की गई थी लेकिन ये हमले विफल रहे थे. 21 जुलाई से चंद दिन पहले सात जुलाई को ही लंदन में हुए बम धमाकों में 52 लोग मारे गए थे.
सोमवार को सुनाए गए फ़ैसले में 29 वर्षीय मुख़्तार सईद इब्राहिम, 26 वर्षीय यासीन उमर, 28 वर्षीय हुसैन उसमान और 25 वर्षीय रमज़ी मोहम्मद को हत्या की साज़िश करने का दोषी पाया गया है.
दो अन्य लोगों को लेकर फ़ैसला आना अभी बाक़ी है. ये लोग अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार कर रहे हैं.
सभी छह संदिग्धों का कहना था कि दो साल पहले जो बम उनके पास थे वो नकली थे और ऐसा उन्होंने इराक़ युद्ध के प्रति विरोध जताने के लिए किया था.
सर्वसम्मति से फ़ैसला
ज्यूरी ने सर्वसम्मति से ये फ़ैसला किया कि मुख़्तार सईद इब्राहिम, यासीन उमर और रमज़ी मोहम्मद दोषी हैं.
इसके कुछ देर बाद ज्यूरी ने हुसैन उसमान को भी दोषी करार दिया.
जबकि अन्य दो संदिग्ध लोगों के ख़िलाफ़ अभी फ़ैसला नहीं दिया गया है. इनके ख़िलाफ़ छह महीनों से मुक़दमा चल रहा है.
मुक़दमे की सुनवाई के दौरान कहा गया कि अगर 21 जुलाई को बम फट जाते तो कई लोगों की जान जा सकती थी.
रमज़ी मोहम्मद ने दक्षिणी लंदन में ओवल स्टेशन पर एक ट्रेन को निशाना बनाया था जबकि उमर केंद्रीय लंदन में वॉरन स्ट्रीट स्टेशन पर ट्रेन में थे. वहीं इब्राहिम पूर्वी लंदन में एक ट्रेन पर चढ़े थे.
विफल हमले के एक हफ़्ते बाद रमज़ी मोहम्मद और इब्राहिम को लंदन से पकड़ लिया गया था. वहीं उमर को बर्मिंघम से पकड़ा गया था जहाँ वो बुर्क़ा पहनकर भाग गए थे.
मुक़दमे में इस बारे में भी सुबूत पेश किए गए कि ‘21 जुलाई के हमले की साज़िश सात जुलाई के हमले से पहले ही कर ली गई थी और ये कोई जल्दबाज़ी में तैयार की गई योजना’ नहीं थी.