रविवार, 08 जुलाई, 2007 को 10:19 GMT तक के समाचार
इराक़ के प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी ने कहा है शनिवार को अमीरली गाँव में हुआ बम हमला एक 'घृणित कृत्य' है.
उत्तरी इराक़ के अमीरली गाँव समेत शनिवार को इराक़ में कई बम हमले हुए थे. अधिकारियों का कहना है कि इसमें कम से कम 130 लोग मारे गए हैं और 240 लोग घायल हुए हैं.
सबसा बड़ा हमला अमीरली गाँव में हुआ था जहाँ एक व्यस्त बाज़ार में ट्रक बम विसफोट किया गया था.
नूरी अल मलिकी ने इस हमले के लिए चरमपंथियों को ज़िम्मेदार ठहराया है.
वहीं इराक़ में अमरीकी कमांडर जनरल डेविड पेट्रॉस ने कहा कि उन्हें आशंका है कि आने वाले हफ़्तों में ऐसे और हमले होंगे.
उन्होंने एपी से बातचीत में कहा कहा कि सुर्ख़ियों में बने रहने के लिए सुन्नी चरमपंथी ऐसे हमले करेंगे.
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार चरमपंथियों ने बक़ूबा में अमरीकी अभियान से भागने के बाद अमीरली गाँव को निशाना बनाया होगा.
'नुकसान'
इराक़ में सुरक्षा इंतज़ाम और पुख़्ता करने के लिए करीब तीस हज़ार अतिरिक्त अमरीकी सैनिकों को तैनात किया गया है.
अमीरली गाँव में हमले के एक दिन बाद भी करीब 20 लोगों के बारे में कोई अता-पता नहीं है.
स्थानीय अधिकारियों ने कहा है कि 20 घर पूरी तरह ढह गए हैं जबकि 20 घरों और 50 दुकानों को नुकसान पहुंचा है.
संवाददाताओं का कहना है कि अप्रैल के बाद से इराक़ में ये सबसे घातक हमला था.
अमीरली गाँव दूर दराज इलाक़े में है जिसका मतलब था कि घायल लोगों को ताज़ खुरमातो कस्बे में लाना पडा जो करीब 45 किलोमीटर दूर है.
बताया जा रहा है कि कुछ लोगों की रास्ते में ही मौत हो गई जबकि कई घायलों को किरकुक शहर ले जाया गया.
संवाददाताओं का कहना है कि ये बम हमला इलाक़े में हो रही राजनीतिक गतिविधियों से जुड़ा हो सकता है. यहाँ किरकुक प्रांत को लेकर इस साल के अंत तक जनमसंग्रह हो सकता है.
किरकुक इराक़ी कुर्दीस्तान के बाहर आता है लेकिन कुर्द समुदाय के कई लोग इसे अपनी राजधानी बनाने का दावा करते हैं.