मंगलवार, 03 जुलाई, 2007 को 20:19 GMT तक के समाचार
लंदन और ग्लासगो में बम धमाकों की साज़िश रचने के मामले में अब तक जिन आठ लोगों को हिरासत मे लिया गया है उनमें से दो भारतीय डॉक्टर हैं.
इनमें से एक का नाम मोहम्मद हनीफ़ बताया गया है और दूसरे का नाम सबील अहमद.
हालांकि अभी तक इन लोगों के ख़िलाफ़ कोई आरोप नहीं लगाए गए हैं लेकिन यह पहला मौक़ा है जब किसी अंतरराष्ट्रीय चरमपंथी गतिविधि में किसी भारतीय का नाम आ रहा है.
यह पहले ही कहा जा चुका है कि हिरासत में लिए गए सभी लोगों का संबंध ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) से है.
इन आठ लोगों में से सात या तो डॉक्टर हैं या मेडिकल के छात्र हैं. जबकि एक महिला पहले एक प्रयोगशाला में असिस्टेंट रह चुकी हैं.
भारतीय डॉक्टर
ऑस्ट्रेलिया की पुलिस ने इस सिलसिले में एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है. बताया गया है कि वे एक भारतीय डॉक्टर हैं. उनका नाम मोहम्मद हनीफ़ बताया गया है.
ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री जॉन हावर्ड ने कहा कि ब्रितानी अधिकारियों के अनुरोध पर डॉक्टर हनीफ़ से पूछताछ की जा रही है.
27 साल के डॉक्टर हनीफ़ को उस समय हिरासत में लिया गया जब वे भारत जाने वाले एक विमान पर एकतरफ़ा टिकट के साथ सवार हो रहे थे. ऑस्ट्रेलिया में ही एक अन्य डॉक्टर से भी पूछताछ की जा रही है.
ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों का कहना है कि क्वींसलैंड के गोल्ड कोस्ट अस्पताल की भी तलाशी ली जा रही है जहाँ डॉक्टर हनीफ़ रजिस्ट्रार के रूप में काम करते रहे हैं.
डॉक्टर हनीफ़ ऑस्ट्रेलिया जाने से पहले ब्रिटेन के लिवरपूल शहर में रहे थे.
लिवरपूल से ही रविवार को 26 साल के सबील अहमद को हिरासत में लिया गया था.
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मोहम्मद हनीफ़ और सबील अहमद दोनों की ही ट्रेनिंग राजीव गाँधी इंस्टिट्यूट ऑफ़ हेल्थ साइंसेस, बैंगलोर से हुई है.