बुधवार, 04 जुलाई, 2007 को 00:10 GMT तक के समाचार
लंदन और ग्लासगो में धमाकों की साज़िश रचने के संदेह में हिरासत में लिए गए लोगों में से दो भारतीय मूल के डॉक्टर हैं.
इनमें से एक हैं 27 वर्षीय मोहम्मद हनीफ़. जो बैंगलोर के रहने वाले हैं.
हनीफ़ को ऑस्ट्रेलिया एयरपोर्ट पर उस समय हिरासत में लिया गया जब वे भारत आने के लिए विमान में बैठने जा रहे थे.
हनीफ़ के परिवारजन बताते हैं कि हनीफ़ अपनी बेटी को देखने के लिए आने वाले थे, जो एक हफ़्ते पहले ही पैदा हुई है.
परिवार वाले बताते हैं कि उन्हें हनीफ़ की यात्रा की योजना के बारे में कुछ पता नहीं था.
उनका कहना है कि उन्हें ऑस्ट्रेलियाई उच्चायोग से सूचना दी गई कि हनीफ़ को ऑस्ट्रेलिया में पूछताछ के लिए रोक लिया गया है.
हनीफ़ ने राजीव गाँधी इंस्टिट्यूट ऑफ़ हेल्थ साइंसेस, बैंगलोर से अपनी डॉक्टरी की पढ़ाई पूरी की थी और 2004 में भारत से इंग्लैंड गए थे.
वे उत्तर-पश्चिमी इंग्लैंड में एक अस्पताल में काम कर रहे थे और पिछले साल ही वे ऑस्ट्रेलिया गए थे.
हनीफ़ की बहन सोमाया ने बीबीसी से कहा कि हनीफ़ एक होनहार डॉक्टर है और उसका संबंध लंदन में चरमपंथी घटनाओं के षडयंत्र से नहीं जोड़ा जा सकता.
उनका कहना था कि उन्होंने अपने भाई से बात नहीं की है लेकिन उन्हें लगता है कि हनीफ़ को ग़लती से रोका गया है.
हनीफ़ के भाई की अक्सर ही इंटरनेट पर चर्चा होती रहती है.
उनका कहना है कि हनीफ़ एक संयत मुसलमान है जो नियमित रुप से नमाज़ पढ़ता है लेकिन ज़्यादातर समय वह अपने डॉक्टरी पेशे में लगाता है.
दो साथी हिरासत में
लंदन और ग्लासगो में बम धमाकों की साज़िश रचने के मामले में अब तक जिन आठ लोगों को हिरासत मे लिया गया है उनमें से दो भारतीय डॉक्टर हैं.
इनमें से एक हनीफ़ है और दूसरा उसी के कॉलेज से पढ़कर निकला सबील अहमद.
ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री जॉन हावर्ड ने कहा कि ब्रितानी अधिकारियों के अनुरोध पर डॉक्टर हनीफ़ से पूछताछ की जा रही है.
27 साल के डॉक्टर हनीफ़ को उस समय हिरासत में लिया गया जब वे भारत जाने वाले एक विमान पर एकतरफ़ा टिकट के साथ सवार हो रहे थे. ऑस्ट्रेलिया में ही एक अन्य डॉक्टर से भी पूछताछ की जा रही है.
ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों का कहना है कि क्वींसलैंड के गोल्ड कोस्ट अस्पताल की भी तलाशी ली जा रही है जहाँ डॉक्टर हनीफ़ रजिस्ट्रार के रूप में काम करते रहे हैं.