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मंगलवार, 03 जुलाई, 2007 को 02:38 GMT तक के समाचार

लंदन धमाके में एक भारतीय गिरफ़्तार

ऑस्ट्रेलिया की पुलिस ब्रिटेन में विफल कारबम हमलों के संबंध में दो डॉक्टरों से पूछताछ कर रही है.

इनमें से एक 27 वर्षीय भारतीय नागरिक हैं जिन्हें ब्रिस्बेन हवाई अड्डे पर तब पकड़ा गया जब वह देश छोड़ कर जाने की तैयारी कर रहे थे.

ऑस्ट्रेलियाई पुलिस इस बात पर ज़ोर दे रही है कि इन डॉक्टर पर जिनका नाम मोहम्मद हनीफ़ बताया जा रहा है, कोई आरोप नहीं लगाया गया है और ब्रिटेन की मेट्रोपॉलिटन पुलिस के आग्रह पर उनसे पूछताछ की जा रही है.

समझा जा रहा है कि मोहम्मद हनीफ़ का उन लोगों से फ़ोन पर संपर्क हुआ था जिन पर लंदन और ग्लासगो की घटनाओं में शामिल होने का संदेह है.

मोहम्मद हनीफ़ ने डॉक्टरी की पढ़ाई भारत में की थी और कुछ अरसा लिवरपूल में नौकरी करने के बाद वह सितंबर में ऑस्ट्रेलिया आए थे.

इस पहली गिरफ़्तारी के बाद एक अन्य डॉक्टर को पकड़ा गया है और उनसे भी पूछताछ हो रही है.

पुलिस ने इस बात पर ज़ोर दिया है कि इन दोनों के ख़िलाफ़ कोई आरोप दायर नहीं किए गए हैं.

ऑस्ट्रेलिया के अटॉर्नी जनरल फ़िलिप रुडॉक का कहना है कि संघीय और राज्य पुलिस ने ब्रितानी ख़ुफ़िया जाँच की सूचनाओं के आधार पर ब्रिस्बेन हवाई अड्डे से गिरफ़्तारी की है.

प्रधानमंत्री जॉन हावर्ड ने इस बात की पुष्टि की है कि हिरासत में लिया गया व्यक्ति भारतीय नागरिक है और वो क्वींसलैंड स्वास्थ्य विभाग की सिफ़ारिश पर ऑस्ट्रेलिया आया था.

जिस व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है, उससे पूछताछ की जा रही है और माना जा रहा है कि उसे ब्रिटेन भेजा जा सकता है.

सुरक्षा कड़ी की गई

दूसरी ओर हमले की आशंका को देखते हुए ब्रिटेन में हाई अलर्ट घोषित किया गया है.

ब्रिटेन की राजधानी लंदन में शुक्रवार को कार बम से हमला करने की दो बार कोशिश हुई लेकिन ये प्रयास विफल रहे.

शुक्रवार को तड़के पुलिस ने लंदन के केंद्रीय इलाक़े के एक नाइटक्लब के बाहर से कार बम बरामद किया था. फिर शाम को शहर के पार्क लेन इलाक़े से भी एक बम मिला था.

इसके बाद शनिवार को दो लोगों ने आग लगा वाहन ब्रिटेन के ग्लासगो हवाईअड्डे में जबरन घुसाने की कोशिश की. पुलिस ने दोनों लोगों को गिरफ़्तार कर लिया है.

सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक जिस गाड़ी को ज़बरदस्ती ग्लास्गो हवाईअड्डे में घुसाने का प्रयास किया गया था, उस गाड़ी में तीन गैस सिलेंडर भी रखे हुए थे.

हमले में शामिल एक व्यक्ति बुरी तरह जल गया था और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है.

ब्रिटेन में सतर्कता को बढ़ाकर 'क्रिटिकल' के स्तर तक पहुँचा दिया गया है.

सन् 2006 में लागू की गई नई व्यवस्था के तहत सतर्कता के पाँच स्तरों में से ये सबसे ऊँचा स्तर है.