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शुक्रवार, 29 जून, 2007 को 09:55 GMT तक के समाचार

सहायता के लिए तरस रहे हैं लोग

पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में अधिकारियों का कहना है कि अब तक लगभग आठ लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हो चुके हैं और लाखों घर तबाह हो गए हैं.

तटीय इलाक़ों में चार दिन पहले आए तूफ़ान के बाद कई जगह बिजली और पीने के पानी का अभाव है.

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों में सरकारी राहत पहुँचने के कोई संकेत नज़र नहीं आ रहे हैं.

पुलिस ने तुरबत शहर में मदद की मांग कर रहे सैंकड़ों क्रुद्ध प्रदर्शनकारियों पर आँसू गैस के गोले छोड़े.

मंगलवार से अब तक बलूचिस्तान में बीस से अधिक लोगों के मारे जाने की ख़बरें हैं.

अफ़ग़ानिस्तान से लगी ख़ैबर एजेंसी के उत्तर में अधिकारियों का कहना है कि 70 के क़रीब लोगों की मौत हुई है.

तुरबत इलाक़े में मौजूद बीबीसी संवाददाता इलियास ख़ान का कहना है कि अधिकतर क्षेत्र पूरी तरह नष्ट हो गया है. पेड़ उखड़ गए हैं, बिजली के तार गिर पड़े हैं और सड़कें टूट गई हैं.

उनका कहना है कि सिर्फ़ सीमेंट की बनी इमारतें बच पाई हैं लेकिन वहाँ अधिकतर लोग मिट्टी और गारे से बनी झोंपड़ियों में रहते हैं और उन के घर नहीं बच पाए हैं.

जानवर सड़ रहे हैं

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि हर तरफ़ मरे हुए जानवरों का माँस सड़ने की बदबू फैली हुई है.

लोग मस्जिदों और स्कूलों में शरण लिए हुए हैं.

सेना हेलीकॉप्टरों के ज़रिए राहत सामग्री भेज रही है लेकिन उसे विमान उतारने में दिक़्क़त आ रही है.

हमारे संवाददाता का कहना है कि उन्हें अभी तक कोई ऐसा व्यक्ति नहीं मिला जिस तक राहत सामग्री पहुँची हो.

पिछले सप्ताहांत बाढ़ की वजह से पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर कराची में 200 लोग मारे गए थे जबकि भारत में 140 से अधिक मौतें हूई थीं.