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बुधवार, 27 जून, 2007 को 16:46 GMT तक के समाचार

ब्लेयर बनाए गए मध्य-पूर्व दूत

ब्रितानी प्रधानमंत्री पद से इस्तीफ़ा देने के कुछ घंटों बाद टोनी ब्लेयर को मध्य-पूर्व का दूत बनाने की घोषणा की गई है.

ब्लेयर ने प्रधानमंत्री पद के साथ ही सांसद के तौर पर भी संसद से इस्तीफ़ा दे दिया है.

मध्य-पूर्व में शांति प्रयासों में लगी चार प्रमुख शक्तियों--अमरीका, रूस, यूरोपीय संघ और संयुक्त राष्ट्र की चौकड़ी के दूत के रूप में मंगलवार को ही ब्लेयर के नाम पर चर्चा हुई थी.

मिडिल-ईस्ट क्वाट्रेट यानी मध्य-पूर्व चौकड़ी के नाम से जाने जाने वाले इस समूह की ओर से जारी एक बयान में ब्लेयर को दूत बनाने की पुष्टि की गई है.

ब्लेयर को फ़लस्तीनी क्षेत्रों के लिए मदद जुटाने, उनकी ज़रूरतों के बारे में दुनिया को आगाह करने, फ़लस्तीनी क्षेत्रों के आर्थिक विकास की योजना बनाने और अन्य देशों को साथ लाने की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है.

उनसे पहले अमरीका के जेम्स वुल्फ़ेंसन इस चौकड़ी के दूत थे.

टोनी ब्लेयर ने बुधवार को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया और उनके स्थान पर गॉडर्न ब्राउन ने ब्रितानी प्रधानमंत्री पद की शपथ ली.

टोनी ब्लेयर की इस नियुक्ति में अमरीका की प्रमुख भूमिका रही है, अमरीकी राष्ट्रपति ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि वे निवर्तमान ब्रितानी प्रधानमंत्री के लिए एक बड़ी भूमिका देख रहे हैं.

जहाँ तक टोनी ब्लेयर का सवाल है, वह ख़ुद कई बार दोहरा चुके हैं कि इसराइल और फ़लस्तीनियों के बीच शांति स्थापना को लेकर वह प्रतिबद्ध हैं.

लेकिन बीबीसी संवाददाता का कहना है कि टोनी ब्लेयर मध्यपूर्व के लिए एक विवादित नेता हैं.

उनका कहना है कि इसराइली नेता तो ब्लेयर के पद और उनके अनुभव से उत्साहित हैं लेकिन फ़लस्तीनियों को इसे लेकर शंकाएँ हैं कि वे वास्तव में कोई फ़र्क ला पाएँगे.