अरब देशों और इसराइल के नेता मिस्र में सम्मेलन के लिए इकट्ठा हो रहे हैं. इसे फ़लस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास के प्रति समर्थन जताना माना जा रहा है.
शर्म अल शेख़ में होने जा रहे इस सम्मेलन में अब्बास के अलावा, मिस्र के राष्ट्रपति होस्नी मुबारक, जॉर्डन के शाह अब्दुल्ला और इसराइल के प्रधानमंत्री एहुद ऑल्मर्ट हिस्सा लेंगे.
यह सम्मेलन ऐसे समय हो रहा रहा है, जब अब्बास के विरोधी हमास ने कुछ दिन पहले ग़ज़ा पट्टी का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया था.
इसराइली नीति
रविवार को इसराइल ने अहम निर्णय लिया और हमास को छोड़ नई फ़लस्तीनी सरकार को रोकी हुई कर राशि देने पर राज़ी हो गया है.
जनवरी 2006 में फ़लस्तीनी चुनाव में हमास के सत्ता में आने के बाद इसराइल ने करोड़ों रुपए की कर राशि को रोक दिया था.
अब्बास द्वारा हटाए गए हमास नेता इस्माइल हानिया ने इसराइल के इस क़दम को 'ब्लैकमेल' करार दिया है.
माना जा रहा है कि इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य अब्बास की स्थिति को और मज़बूत करना है.
इसराइल के विदेश मंत्रालय का कहना है कि रोकी गई धनराशि अब्बास को दी जाएगी.
पश्चिमी तट फ़िलहाल अब्बास के संगठन फ़तह के नियंत्रण में है.
एक इसराइली अधिकारी ने बताया कि धनराशि जारी करने से पहले ऐसी व्यवस्था कायम करनी होगी, जिससे ये सुनिश्चित हो कि ये हमास तक न पहुँचे.